अब गाड़ी पर नंबर प्लेट होगी तो भी कटेगा चालान, जान लें ये खबर….।

भोपाल (म.प्र.) : High Security Registration Plate (HSRP) एक एल्यूमीनियम निर्मित नंबर प्लेट होती है जो वाहन के फ्रंट और रियर में लगाई जाती है। अप्रैल 2019 से पहले उपलब्ध नंबर प्लेटों के साथ छेड़छाड़ करना आसान था और उन्हें आसानी से हटाया और बदला जा सकता था। इसके चलते वाहन चोरी की घटनाओं में भी काफी वृद्धि हुई। अब 15 दिसम्बर तक सभी वाहनों में HSRP (high security registration plate) अनिवार्य हो गया है। 15 दिसम्बर के बाद यदि कोई वाहन हाई सिक्योरिटी नंबर के बगैर वाहन चलता पाया जाता है तो उसका चालान काटा जायेगा।

दरअसल 2019 के पहले वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट नहीं लगाए जा रहे थे। ऐसे में अब न्यायालय के आदेश के बाद जिला परिवहन विभाग ने सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का आदेश जारी कर दिया गया है। अब इन्हें लगाना अनिवार्य है।

कैसे लगेगी नंबर प्लेट :

खास बात ये है कि ये नम्बर प्लेट आपका वाहन जिस कंपनी का है, उसी डीलर के पास जाकर लगवाई जा सकेगी। इसके लिए एक वेबसाईट भी जारी की गई है। जिस पर आप के वाहन का नम्बर, इंजन नम्बर, चेसिस नम्बर दर्ज कर स्लॉट बुक करवा सकते है और दी गयी डेट पर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट डीलर के यहां लगवाई जा सकेगी। 2 व्हीलर के लिए 500 और फोर व्हीलर के लिए 1000 रुपये शुल्क देना होगा। हालांकि ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग में कुछ दिक्कत आ रही है सम्भवतः हो सकता है आखिरी तारीख आगे बढ़ाई जा सके लेकिन फिलहाल सभी वाहन चालक 15 दिसम्बर तक ये हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगवा लें।

कितना लगेगा जुर्माना :

देश के 8 राज्यों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सभी वाहनों पर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा एमपी में भी सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर वाहन मालिकों को 500 से 100 रुपये का जुर्माना भी देना पड़ेगा। इसको लेकर कई लोगों ने नया नंबर प्लेट लगवाना भी शुरू कर दिया है।

जाने क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट :

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एल्युमिनियम द्वारा बनी होती है, जो गाड़ी के सामने और पीछे दोनों तरफ लगी होती है। इसके अलावा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के ऊपर बाएं से नीले रंग का क्रोमियम आधारित अशोक चक्र का होलोग्रोम भी होता है. इसके साथ ही नीले रंग में IND भी लिखा होता है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से किसी भी गाड़ी की जानकारी निकालना बेहद आसान हो जाएगा। वाहन चोरी होने के बाद इसे निकलना कठिन होगा, जिससे वाहन चोर आसानी से वाहन की नंबर प्लेट बदल नहीं पायेंगे।