रात को खाना खाने के बाद 17 वर्षीय किशोरी संजना की मौत, सामने आया ये महत्वपूर्ण कारण….।

इंदौर (म.प्र.) : मंगलवार को इंदौर शहर में रात को 17 वर्षीय संजना यादव के सीने में अचानक दर्द हुआ, जिसे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि मौत हार्ट अटैक के कारण ही हुई है। हार्ट अटैक की शिकायत जहां पहले 50 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों में देखने को मिलती थी, वह अब कम उम्र में युवाओं को भी होने लगी है। इसको लेकर सचेत रहने की काफी जरूरत है।

मल्हारगंज थाना क्षेत्र के रामबली नगर में रहने वाली संजना ने खाना बनाया था। इसके बाद सभी ने साथ मिलकर खाना खाया। इसके थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजनों से कहा कि सीने में दर्द हो रहा है। मां ने कुछ देर पंखे के नीचे बैठाया। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे एमवाय अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने बताया कि संजना को पहले से किसी प्रकार की कोई बीमारी ही नहीं थी। वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थी और पढ़ाई में भी होनहार है। वह प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बता दें कि संजना के पिता और माता दोनों मजदूरी करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में 20 प्रतिशत तक मरीजों की संख्या ओपीडी में भी बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को विशेष तौर पर ध्यान रखने की आवश्यकता हो गई है। आजकल कम उम्र वालों में भी जीवनशैली में बदलाव के कारण हृदय से संबंधित बीमारियां होने लगी है। ठण्ड के मौसम में जहाँ रक्त संचार धीमा हो जाता है वहीँ नसें भी सिकुड़ने लगती है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज :

विशेषज्ञों ने बताया कि इस मौसम में खानपान पर नियंत्रण करना आवश्यक होता है। सुबह जल्दी घूमने न जा रहे हैं तो थोड़ी धूप निकलने के बाद घूमने जाना चाहिए। कई बार लोगों को लक्षण भी नजर आते हैं, लेकिन वह इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ह्रदय के मामले में उन्हें विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। अगर लेफ्ट साईड में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखायें, कभी-कभार ये दर्द एसिडीटी के कारण भी होता है, लेकिन इसे हलके में ना लें।

बच्चों में सामान्यतः हार्ट अटैक की समस्या नहीं होती लेकिन अगर इतनी कम उम्र में किसी को हार्ट अटैक आता है तो उसके मुख्य कारण हेरेडिटरी डिसलिपिडेमिया और कार्डियोमायोपैथी हो सकता है। हेरेडिटरी डिसलिपिडेमिया यानि की अनुवांशिक रूप से लिवर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बहुत अधिक होना और कार्डियोमायोपैथी मतलब अचानक से आर्टिरीज का ब्लॉक होकर फट जाना है। इसको खानपान या जीवनशैली से नहीं जोड़ा जा सकता।

– डा. सिद्धांत जैन, ह्रदय रोग विशेषज्ञ

कम उम्र में इस तरह के हादसे होना बिल्कुल भी सामान्य नहीं है, परन्तु ये समझना जरूरी है कि यह हार्ट अटैक है या कार्डियक अरेस्ट। कार्डियक अरेस्ट का मतलब होता है एकाएक मृत्यु होना, जिसका एक कारण हार्ट अटैक भी है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक ही है।

– डा. भारत रावत, ह्रदय रोग विशेषज्ञ

जो हृदय के मरीज हैं और उन्हें दवाई चल रही है तो वह हमेशा समय पर दवाइयां लें। नियमित व्यायाम करें। अभी दो-तीन से ठंड भी अचानक से बढ़ गई है। कम उम्र में हार्ट अटैक आने के कारण हो सकते हैं। ओपीडी में जनवरी में हर वर्ष 20 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। वहीं धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखना चाहिए।

– डा. एडी भटनागर, हृदय रोग विशेषज्ञ