जांजगीर-चांपा: पंतोरा चौकी से कुछ कदम दूर जंगल के पास सोमवार-मंगलवार की रात बिलासपुर के ढेंका निवासी एक आटो चालक की सिर कुचलकर हत्या का मामला सामने आया था। इसमें एसपी ने भी मौके का मुआयना किया था। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। इस दौरान अब नया खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस और परिजनों सहित सभी को चौंका दिया है।जिस ऑटो चालक की मौत हुई थी उसी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आटो चालक ने ही सवारी की हत्या करके उसे अपने कपड़े पहना दिये थे और खुद की हत्या बताने की साजिश रची थी। यहां तक की मृत व्यक्ति (जिसको ऑटो वाला मान रहे थे) उसके स्वजन ने उसकी शिनाख्त भी कर ली थी और उसको दफना भी दिया। पुलिस ने आटो चालक को अब गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम ढेका जिला बिलासपुर निवासी युवक शंकर शास्त्री (36) पिता जगजीवन बिलासपुर में आटो रिक्शा चलाता था। सोमवार 25 दिसंबर की सुबह वह अपने घर से आटो क्रमांक सीजी 10 एई 9477 को लेकर निकला था। रात लगभग 8 बजे वह बिलासपुर रेलवे स्टेशन से आटो लेकर निकला लेकिन घर वापस नहीं पहुंचा। परिजनों के द्वारा फोन लगाने पर भी फोन नहीं उठाया।
मंगलवार की सुबह कोरबा पंतोरा मार्ग में छाता जंगल के पास भारत माला रोड में खून से लथपथ उसका शव लोगों ने देखा। उसका सिर कुचला हुआ था। वही उसकी आटो रिक्शा भी रोड में पलटी हुई थी। सूचना मिलने पर पंतोरा चौकी प्रभारी दिलीप सिंह व अन्य पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घटना स्थल पर डाग स्कवाड और साथ ही बिलासपुर से फारेंसिंक एक्सपर्ट की टीम भी बुलाई गई।
बारिकी से घटना स्थल का मुआयना किया गया। पुलिस को मौके से शराब की बोतल और फल्ली भी पड़े हुए मिले । इससे आशंका जताई गई कि शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद युवक की हत्या की गई होगी। सूचना मिलने पर परिजन भी वहां पहुंच गए और मृतक की पहचान आटो चालक के रूप में की गई और शव उसके परिवार को पीएम के बाद सौंप दिया।
विवेचना शुरू हुई तो मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने मोबाइल डिटेल निकाला और सीसी फुटेज खंगाले गए तो पता चला कि मृतक और एक अन्य व्यक्ति का मोबाइल एक साथ घटना स्थल पर बन्द हुआ है। पुलिस ने दोनों नम्बर का डिटेल निकाला तो ऑटोचालक का मोबाइल। कुछ समय के लिए चालू मिला पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसे कोरबा से गिरफ्तार किया। खबर के अनुसार परिजनों द्वारा शिनाख्त करने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को परिजन को सौंप दिया। परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद ऑटो संघ द्वारा ऑटो चालक की हत्या के संदेह पर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर जिला कलेक्टर एवं बिलासपुर विधायक के नाम ज्ञापन सौपा गया। जिसमें आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और परिजनों को मुआवजा की मांग की गई थी। गुरुवार को अचानक इस ऑटो चालक को कोरबा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। ऑटो चालक की गिरफ्तारी की खबर लगते ही परिजन और ऑटो संघ एवं संबंधित लोग आश्चर्य में पड़ गए।
पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह खुद को सवारी बताया और ऑटो चालक की हत्या करना बताया जबकि वह खुद आटो चालक था। पहचान छिपाने उसने अपना मुंडन भी करा लिया था। अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिसे पुलिस मृतक समझ रही थी वही कातिल निकला। बहरहाल पुलिस ने ऑटोचालक को गिरफ्तार कर लिया है और मृतक के शव को कब्र खोदकर उसके वास्तविक परिजनों को देने की तैयारी की जा रही है। मृतक का DNA टेस्ट करवाया जायेगा। जानकारी के अनुसार इस घटना में ऑटो चालक और सवारी के बीच विवाद होना बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है, जल्द ही कोई बड़ा खुलासा और इस साजिश के पीछे और कौन-कौन शामिल है पता चलेगा। आश्चर्य की बात यह है की परिजनों द्वारा उसके शव की शिनाख्त भी की गई थी। ऐसे में यह संदेह पैदा होता है कि इतनी बड़ी साजिश को अकेला एक व्यक्ति अंजाम नहीं दे सकता, हो सकता है शंकर शास्त्री का कोई संबंधित व्यक्ति भी इसमें शामिल हो। हत्या का खुलासा होने के बाद इसके पीछे के साजिश का खुलासा होगा।