बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान जारी, शेख हसीना ने की भारत की प्रशंसा, शेख हसीना को हराने के लिये चीन ने चली थी चाल, जिसका ये था कारण….।

ढाका (बांग्लादेश) : बांग्लादेश में भारत विरोधी सत्ता आने पर चीन को फायदा मिल सकता है, वहीँ भारत की तरक्की से चीन कमजोर होता जा रहा है, इसलिये भारत के मित्र देशों को तोड़ने का प्रयास लगातार जारी रखे हुये है, वहीँ शेख हसीना और उसकी पार्टी भारत समर्थक है, जिसको लेकर चीन अपनी साजिशें लगातार जारी रखे हुये है, इसलिये वह विपक्षी पार्टियों को अपना सहयोग दे रहा है, वहीँ इसी कारण विपक्ष के बहिष्कार के बीच रविवार को बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि शेख हसीना के सत्ता में रहते निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है। बहिष्कार के कारण शेख हसीना की पार्टी का एक बार फिर सत्ता में आना तय माना जा रहा है।

शेख हसीना ने की भारत की तारीफ :

वहीँ जहाँ पाकिस्तानी जनता भारत से अपने सम्बन्ध बेहतर करना चाहती है, तो वहीँ बांग्लादेश उसका धुर विरोधी भारत का मित्र देश है। बांग्लादेश में इस बार चुनावों में भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का भी खूब जिक्र हुआ है। वहीं वोटिंग वाले दिन भी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत की तारीफ की है। आज दुनिया में भारत के कोई भी अपना सम्बन्ध बिगाड़ना नहीं चाहता वहीँ कुछ देश चीन की साजिशों के शिकार हो रहे है और अपना नुकसान भी कर रहे है।

भारत की प्रशंसा में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश भाग्यशाली है कि उसे भारत जैसा भरोसेमंद दोस्त मिला है। उन्होंने 1971 में मुक्ति संग्राम के दौरान भारत के सहयोग के लिए भी आभार जताया है, जिसमें पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने भारत की मदद से बांग्लादेश के सामने अपने हथियार दाल दिये थे।

शेख हसीना ने अपने संदेश में कहा, ”हम बहुत भाग्यशाली हैं…भारत हमारा भरोसेमंद दोस्त है। हमारे मुक्ति संग्राम के दौरान उन्होंने हमारा समर्थन किया…1975 के बाद, जब हमने अपना पूरा परिवार खो दिया…उन्होंने हमें आश्रय दिया। इसलिए भारत के लोगों को हमारी शुभकामनाएं।”

पीएम हसीना ने 1975 में अपने परिवार के नरसंहार की भयावहता को याद किया, जिसमें उनका पूरा परिवार मारा गया था और वह वर्षों तक भारत में निर्वासन में रहीं। बाद में वह बांग्लादेश लौट आईं और आवामी लीग पार्टी बनाई।

15 साल से सत्ता में है शेख हसीना :

76 वर्षीय शेख हसीना 2009 से सत्ता में है। इस बार लगातार चौथी बार पांच साल का कार्यकाल जीतने की उनकी तैयारी है। आवामी लीग पर धांधली के आरोप लगाया गए हैं, जिन्हें सत्ता पक्ष ने बार-बार खारिज किया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) मुख्य विपक्षी दल है, जिसने चुनाव का बहिष्कार किया है। यह बहिष्कार चीन के इशारे पर किया गया है।