मुंबई (महाराष्ट्र) : लोकसभा चुनाव को लेकर इस बार भाजपा काफी उत्साह में है, इस बार का चुनाव भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण होगा, इसलिये भाजपा ने NDA को लेकर 400 से ज्यादा सीटें पाने का लक्ष्य रखा है। जो कि हर हालत में तय है, हालाँकि यह आसान नहीं होगा। जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार से महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया है। इसके बाद खबर आई है कि महाराष्ट्र में एनडीए गठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे, अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस और आशीष शेलार शामिल थे। करीब आधे घंटे तक चली बैठक में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। इस बार NDA से उद्धव ठाकरे गुट बाहर है।
महाराष्ट्र में 45+ सीटें जीतने का लक्ष्य :
महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने इस बार महाराष्ट्र की 48 में से 45+ लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आगामी चुनाव में 40-41 सीटें नहीं चलेंगी। इस बार, हमें यहां महाराष्ट्र में 45 से ज्यादा सीटों का आशीर्वाद दें। आपको बता दें कि एनडीए गठबंधन में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी जैसे कई दल शामिल हैं। लेकिन इन सब में उद्धव गुट शामिल नहीं है। भाजपा ने चुनाव को लेकर अपनी रणनीति इस प्रकार बनाई है कि हर हालत में 400 सीटें पार हो जायें।
32 से ज्यादा सीटों पर लड़ सकती है भाजपा :
पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनडीए के बीच सीटों का फॉर्मूला तय हो गया है। भाजपा महाराष्ट्र में 32 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। वहीं, शिवसेना और एनसीपी को जीत के आधार पर सीटें मिलेंगी। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह ने कहा है कि नरेंद्र मोदी को पीएम बनाना और महाराष्ट्र में 45 से ज्यादा सीटें जितना ही प्राथमिकता है। इसके लिये भाजपा सहित NDA के घटक दल अथक प्रयास कर रहे है।
INDI अलायंस को चुनौती :
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संभाजीनगर में रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि मैं INDI गठबंधन को चुनौती देता हूं कि आगे आएं। उनके भी 10 साल थे और हमारे भी 10 साल थे, हिसाब-किताब करिए। वे चाहें तो अपने 40 साल और हमारे 10 साल का हिसाब कर लें, हमारे 10 साल का पलड़ा भारी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी देशभक्तों की टोली, भाजपा के नेता हैं और जिन्होंने 10 वर्ष में भारत के अंदर आमूल-चूल परिवर्तन लाने का प्रयास किया, उनका लक्ष्य है 2047 तक भारत माता को विश्वगुरु के स्थान पर बैठाना है। वहीँ INDI गठबंधन लगातार टूट रहा है। INDI के घटक दलों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है, सभी दल लगातार अपने स्तर पर लड़ने की बात कर रहे है।



