महादेव सट्‌टा ऐप केस में सामने चौकाने वाले कई बड़े खुलासे, गिरिश तलरेजा और सूरज चोखानी कोर्ट में होंगे पेश।

रायपुर : महादेव सट्टा एप मामले में ईडी की कार्यवाही लगातार जारी है। इसके तार कई राज्यों से जुड़े है, रोजाना कोई ना कोई नया कनेक्शन सामने आ रहा है। अब इस मामले में दो आरोपियों गिरीश तलरेजा और सूरज चोखानी को ईडी कोर्ट में पेश करेगी। ईडी की रिमांड में दोनों आरोपियों ने कई राज उगले है, इसके अलावा लोटस 365 ऐप का खुलासा और रतनलाल जैन की संलिप्तता भी सामने आई है। महादेव सट्टा एप बैन किये जाने के बावजूद अलग-अलग तरीके से अब भी लगातार चल रहा है। आरोपियों से पूछताछ में ये खुलासा हुआ है कि वो सट्टे के पैसे को शेयर बाजार में लगाते थे ED से प्राप्त जानकारी के अनुसार सट्टा ऐप का करीब 1190 करोड़ का पोर्टफोलियो है। इस मामले में बॉलीवुड की हस्तियों से लेकर , केन्द्रीय पार्टियों के नेता और अधिकारी वर्ग तक के नाम सामने आ चुके है। इस मामले में पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने कार्यवाही शुरू करवाई थी।

आज कोर्ट में पेशी :

आज दोनों ही आरोपियों की पुलिस रिमांड खत्म हो रही है। ऐसे में ईडी 7 दिन की रिमांड खत्म होने पर दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। इस मामले में ईडी को कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद है, इसलिए ईडी रिमांड बढ़ाने की अपील कर सकती है। अभी इस मामले में कई सफेदपोश सामने आने की उम्मीद है।

शेयर मार्केट से करते थे व्हाइट :

ईडी की जांच में पता चला है कि सट्टे के पैसे को सूरज चोखानी, हरि टिबरेवाल के साथ मिलकर कैसे व्हाइट मनी में तब्दील करता था। दरअसल टिबरेवाल ने सट्टेबाजी वेबसाईट स्काई एक्सचेंज के लिए भी महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटरों के साथ भी पार्टनरशिप की थी। शंकर टिबरेवाल ने स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने की आड़ में गलत तरीके से कमाए काले पैसों को वैध बनाने के लिए चोखानी का इस्तेमाल किया था।

लोटस 365 एप का संचालन भी किया :

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ईडी की जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि गिरीश तलरेजा लोटस 365 नाम से एक कथित सट्टेबाजी ऐप का संचालन कर रहा था। जो महादेव सट्टा ऐप का सहायक ऐप है। जिससे तलरेजा ने करोड़ों रुपए कमाए थे। फिलहाल ईडी दोनों अरोपियों को 11 मार्च को स्पेशल कोर्ट में पेश करने वाली है। ईडी की टीम जल्द ही सट्टा एप से जुड़े अन्य लोगों पर शिकंजा कस सकती है। ऐसे ही कई एप चालू है, जिसमें से अधिकतर महादेव एप से जुड़े हुये है।