डमी स्कूल चलाने वाले स्कूलों की मान्‍यता रद्द, सीबीएसई ने देशभर में की कड़ी कार्यवाही, छत्तीसगढ़ में भी हुई दो स्कूलों पर कार्यवाही।

रायपुर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने डमी छात्रों को प्रवेश देने के आरोप में शहर के दो स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है। इसमें विधानसभा रोड स्थित वाइकन स्कूल और द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल शामिल है। सीबीएसई ने डमी स्कूल चलाने वालों पर बड़ी कार्यवाही करते हुए देशभर के 20 स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है। इसमें दो स्कूल छत्तीसगढ़ के भी शामिल हैं।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों के 20 स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है। इनमें छत्तीसगढ़ के रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल और सड्डू स्थित वाइकान स्कूल सहित दिल्ली के पांच, उत्तरप्रदेश के तीन, केरल, राजस्थान और महाराष्ट्र के दो तथा जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और असम का एक-एक स्कूल शामिल है।

न्यू राजेंद्र नगर स्थित द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द होने से नर्सरी से बारहवीं कक्षा तक के लगभग 1,300 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। प्रबंधन ने बताया कि मान्यता रद्द होने की जानकारी मिली है, लेकिन सीबीएसई की तरफ से नियमानुसार किसी भी प्रकार का नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। मान्यता रद्द करने के नोटिस में क्या कारण लिखा गया है। स्कूलों के नियमों को लेकर CBSE सख्त हो गया है। कई अन्य स्कूलों पर भी गाज गिर सकती है।

सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि इन स्कूलों ने डमी व अयोग्य विद्यार्थियों को दाखिला दिया। इसके अतिरिक्त दिल्ली, पंजाब और असम के तीन स्कूलों की मान्यता को डाउनग्रेड किया है।

अधर में लटका 1,300 छात्रों का भविष्य :

इस आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी। स्कूल में लगभग 1,300 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। उनके भविष्य को देखते हुए सीबीएसई के साथ पत्राचार करेंगे। कोचिंग करने वाले विद्यार्थी लेते हैं डमी प्रवेश नीट, जेईई समेत अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं स्कूलों में 11वीं में डमी प्रवेश लेते हैं। इस समय ऐसे छात्रों का भविष्य अधर में है।

इन छात्रों को स्कूल में पढ़ने नहीं जाना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन सिर्फ ऐसे छात्रों को परीक्षा के लिए बुलाता है। 11वीं की परीक्षा भी कोचिंग सेंटर में करवा लेते हैं। सिर्फ बारहवीं की परीक्षा के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्र में जाकर विद्यार्थी परीक्षा देते हैं। ऐसे स्कूलों को डमी स्कूल कहा जाता है।

छत्‍तीसगढ़ गठन के बाद पहली कार्यवाही :

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहली बार सीबीएसई ने स्कूलों की मान्यता रद्द करने का एक्शन लिया है। निजी स्कूलों की मनमानी पर नियंत्रण लगाने के लिए सीबीएसई हर जिले में नोडल नियुक्त करता है। इन नोडलों की रिपोर्ट और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल की मान्यता संबंधी कार्यवाही सीबीएसई द्वारा की जाती है। कई स्कूल इन मानदंडों पर खरे नहीं उतर रहे है।

स्कूल प्रबंधन के जिम्मेदारों ने बताया कि सीबीएसई से हमे अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन मान्यता रद्द होने की सूचना मिली है। किस आधार पर कार्यवाही की गई, नोटिस मिलने के बाद ही पता चलेगा। अभी इस मामले कुछ भी कहा नहीं जा सकता।

देखें रद्द स्कूलों की सूची :

– द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल, रायपुर, छत्तीसगढ़
– विकॉन स्कूल, विधानसभा रोड, रायपुर
– प्रिंस विद्यालय, सीकर, राजस्थान
– ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल, जोधपुर, राजस्थान
– करतार पब्लिक स्कूल, कठुआ, जम्मू और कश्मीर
– राहुल इंटरनेशनल स्कूल, ठाणे, महाराष्ट्र
– पायनियर पब्लिक स्कूल, पुणे, महाराष्ट्र
– साई आरएनएस अकादमी, दिसपुर, गुवाहाटी, असम
– सरदार पटेल पब्लिक स्कूल, मिसरोद हुजूर, भोपाल
– लॉयल पब्लिक स्कूल, बुलंदशहर, उत्तरप्रदेश
– ट्रिनिटी वर्ल्ड स्कूल, गौतम बुद्ध नगर, यूपी
– क्रिसेंट कॉन्वेंट स्कूल, गाजीपुर, यूपी पीवीस पब्लिक स्कूल, मलप्पुरम, केरल
– मदर टेरेसा मेमोरियल सेंट्रल स्कूल, तिरुवनंतपुरम, केरल
– ज्ञान आइंस्टीन इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून, उत्तराखंड
– सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल, दिल्ली
– भारत माता सरस्वती बाल मंदिर, दिल्ली
– नेशनल पब्लिक स्कूल, दिल्ली
– चंद राम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली
– मैरीगोल्ड पब्लिक स्कूल, दिल्ली