रायपुर : कई बड़े व्यापारी टैक्स चोरी की जद में आ रहे है, वहीँ एक मामले में सेंट्रल जीएसटी ने 6.54 करोड रुपए की टैक्स चोरी करने वाले कारोबारी संदीप बंसल को मंगलवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में टैक्स चोरी स्वीकार करने पर उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय सिंह की अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्यवाही 4 अप्रैल को फर्जी आईटीसी बिल बनाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड आरोपी हेमंत कसेरा के ठिकानों से मिले दस्तावेज और इनपुट के आधार पर की गई है। इससे केन्द्रीय जीएसटी अधिकारी वय्परी बंसल तक पहुंचे। बता दें कि सीजीएसटी रायपुर द्वारा विशिष्ट खुफिया जानकारी, डेटा विश्लेषण और व्यापक निगरानी के आधार पर फर्जी बिल बनाने और केवल इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पारित करने के उद्देश्य से बनाए गए 13 फर्जी फर्मों के एक नेटवर्क को पकड़ा था। ऑनलाईन ज़माने में टैक्स चोरी करना आसन नहीं रहा है, वहीँ एक के बाद व्यापारी पकड़ में आ रहे है।
केंद्रीय जीएसटी को जांच में मिले इनपुट :
केंद्रीय जीएसटी के कमिश्नर अबू सामा ने बताया की रायपुर के अवंती नगर में हेमंत कसेरा के ठिकानों पर छापा मारा गया था। इस दौरान तलाशी में पता चला कि वह कागजों में दर्जनों फर्जी फॉर्म का संचालन करता था। जांच के दौरान द्वारा रायपुर में मेसर्स बंसल ट्रेडर्स, मेसर्स ओम ट्रेडर्स और मेसर्स एचएमएस ट्रेडर्स को फर्जी आईटीसी बिल पास करने की जानकारी मिली थी। साथ ही इस उक्त 3 फर्मों का संचालन और प्रबंधन संदीप बंसल द्वारा किए जाने के इनपुट मिले थे। इनके दस्तावेजों, खातों और रिटर्न की गहन जांच में पता चला की संदीप बंसल ने हेमंत कसेरा के साथ ही दिल्ली की 25 से अधिक फर्जी फर्मों से फर्जी बिल खरीदा था। कड़ाई से पूछताछ करने पर संदीप बंसल ने कर चोरी के इरादे से फर्जी बिल खरीदना और 6.94 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी का लाभ उठाना स्वीकार किया है। बता दे कि 2017 में जीएसटी कानून लागू होने के बाद से फर्जी बिलिंग करने वाले 16 आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। जहाँ सभी व्यापारी अभी जेल में ही है।
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