नक्सली समस्या के खात्मे का खौफ : इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण।

जगदलपुर/कोण्टा : नक्सली समस्या को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सली समस्या को लेकर स्पष्ट कह दिया है कि इनका पूर्ण खात्मा किया जायेगा। जिसको लेकर जवानों को इस कार्य में लगातार दिया गया है और जवान लगातार नक्सलियों को मौत के घाट उतार रहे है। नक्सलियों के कारण ही अब तक बस्तर का विकास नहीं हुआ हो पाया है, बस्तर में लगातार हो रहे नक्सल आपरेशन के चलते 3 माह में 80 नक्सलियों को बस्तर पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यही वजह है कि खौफ के चलते बस्तर समेत तीन राज्यों के सरहदी क्षेत्रों में सक्रिय आधा दर्जन नक्सलियों ने बस्तर के बजाए आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में समर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो गए है। समर्पित नक्सलियों में किस्टाराम एरिया कमेटी सचिव समेत छह शामिल है जिन पर 19 लाख रूपए का ईनाम घोषित था।

सोमवार को सुकमा जिले में सक्रिय माओवादी संगठन के 6 नक्सलियों ने विशाखापटनम में डीआईजी व एसपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। समर्पित नक्सलियों के खिलाफ सुकमा जिले में दर्जनों संगीन मामले दर्ज है। पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीतारामाराजू जिले में आयोजित पत्रवार्ता में विशाखापट्टनम रेंज के डीआईजी विशाल गुन्नी व अल्लूरी सीतारामाराजू जिला के एसपी तुहिन सिन्हा ने बताया कि विगत कई वर्षों से सक्रिय कई बड़े नक्सली घटनाओं में शामिल नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सलियों का यह काफी बड़ा आत्मसमर्पण है।

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डीआईजी ने कहा है कि, माओवाद संगठन में लगातार बढ़ते दबाव के चलते अपनी सुरक्षा को ध्यान देते हुए छह टॉप नक्सलियों ने पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीतारामाराज जिले में समर्पण किया है। समर्पित नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लाखों का ईनाम घोषित था। इनके आत्मसमर्पण से माओवादी पार्टी पर बहुत प्रभाव पड़ेगा साथ ही ग्राम स्तर के माओवाद संगठन अब कमजोर निष्किय हो जाएंगी। साथ ही अब इसका असर अब आंध्रप्रदेश, तेलंगाना व छत्तीसगढ़ की सीमाओं में पड़ेगा और आगामी आंध्रप्रदेश व तेलंगाना में होने वाले चुनाव भी शांतिपूर्ण होने के आसार है। तीनों राज्यों के सीमाओं में सक्रिय छत्तीसगढ़ कैडर के नक्सलियों से आंध्रप्रदेश की पुलिस प्रशासन ने अपील किया है कि वे अपने आत्मसमर्पण के लिए बिना किसी डर के किसी भी निकटतम पुलिस थानों से संपर्क कर सकते हैं इस के लिए उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, उन्हें मुख्यधारा में जोड़ा जायेगा।

हर माह होती है हाई लेवल मीटिंग :

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बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि, पड़ोसी राज्यों के साथ हर माह हाईलेवल मीटिंग होती है जिसमे एक राज्य की जानकारी दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ साझा की जाती है। इंटर स्टेट कॉर्डिनेशन के साथ नक्सली अभियान की समीक्षा की जाती है यही कारण है कि आपसी तालमेल के चलते सक्रिय नक्सली छग के अलावा पड़ोसी राज्यों में समर्पण करते रहते है। आपरेशन के अलावा आगे समर्पण व गिरफ्तारी मामलों में भी पड़ोसी राज्यों के साथ आपसी तालमेल कर काम किया जा रहा है। प्रयास रहेगा कि अधिकतर नक्सली स्वयं आत्मसमर्पण करें।

नक्सलियों पर कस रहा है शिकंजा :

नक्सली संगठनों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब सरकार ने नक्सलियों के फ्रंटल आर्गनाइजेशनों पर भी शिकंजा मजबूत किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने हाल ही में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए कांकेर जिले में नक्सलियों पर एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। 16 अप्रैल को कांकेर के छोटेबेटिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा एवं कोरोनार के मध्य हापाटोला के जंगल में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे। इनसे बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। देश में यह पहला मामला था, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए थे।