भीषण गर्मी के बीच भाजपा को छ.ग. से 11 सीटों का उपहार देने के लिये कड़ी मेहनत कर रहे मुख्यमंत्री साय।

रायपुर : भाजपा का एक छोटा सा कार्यकर्त्ता मुख्यमंत्री बन सकता है, वहीँ कार्यकर्ता जब राज्य का मुखिया बन जाता है वो फिर अपनी पार्टी के लिये सभी राजसी सुख-सुविधायें छोड़कर पार्टी को जिताने के लिये कितनी मेहनत और मशक्कत करता है, वहीँ सिखने लायक है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से। झुलसाती गर्मी में तीसरे चरण के मतदान को लेकर मतदाता को लुभाने के लिए प्रत्याशी और प्रचारक अपना – अपना सबकुछ झोंकने में जुटे हुये हैं। दो बार विधायक और चार बार सांसद रह चुके छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी पसीना बहाने में कहीं पीछे नहीं हैं। तीन दशक से भी ज्यादा के राजनीतिक जीवन में श्री साय जिस तूफानी गति से अभी चुनावी दौरे कर रहे हैं, उससे पहले ही शायद कभी किए हों। सैंतालीस से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के लिए वोट मांगने अब तक पहुंच चुके श्री साय के इतनी मेहनत करने की एक ही वजह है। वह है ढाई दशक से पार्टी के उस सपने को साकार करना, जिससे छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर भाजपा की जीत हो।

मुख्यमंत्री बनने से पहले साय की पहचान उनकी सादगी के लिए रही है। उस पहचान को अभी बनाए हुए हैं। कोई तामझाम नहीं है। हेलीकाप्टर सात सीटर है लेकिन मुख्यमंत्री महज एक सहायक और सुरक्षा अधिकारी ही सफर में साथ हैं। बैठते ही सबसे पहले अपने सहायक से समाचार पत्रों की कटिंग मांगते हैं। निगाह डालते हैं कि देश प्रदेश में क्या कुछ चल रहा है।

हेलीकाप्टर को देख अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़ बहुत आती है। वहीं दूसरी ओर इसके पंखों से धूल भी बहुत उड़ती है। खैर, धूल छंटी तो मुख्यमंत्री का स्वागत करने भाजपा के कद्दावर नेता और सरकार में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और प्रत्याशी चिंतामणि महाराज समेत तमाम नेता फूलमालाओं के साथ खड़े होकर आए। पार्टी और नेताओं के जिंदाबाद के नारे मुख्यमंत्री की चाल में चुस्ती और तेजी दोनों ला देते हैं। पुलिस वाले परेशान हैं। वह रस्सी का घेरा बना भीड़ को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सहज साय सबसे हाथ मिलाते बेफिक्री के साथ चलते जा रहे हैं। कुछ उत्साही मौके का लाभ उठा मोबाईल पर सेल्फी भी ले लेते हैं।

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साय चुनाव प्रचार के दौरान तनिक भी हड़बड़ी में नहीं हैं। सभा चाहे वाड्रफनगर में रही, बैकुंठपुर में रही या लवन में। वह स्थानीय नेताओं को महत्व देना याद रख रहे हैं। अपने से पहले प्रत्याशी समेत तीन चार नेताओं को आमसभा को संबोधित करने का मौका जरूर मिलता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जब भाषण देने मंच पर आते हैं तो सबसे पहले उपस्थित लोगों से पार्टी और बड़े नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगवाते हैं। वाड्रफनगर में गर्मी कुछ ज्यादा ही है। शामियाना खचाखच भरा है लेकिन उतनी ही भीड़ पास में ही मौजूद पीपल के दो विशालकाय पेड़ों की छांव में भी आसन जमाकर बैठी हुई है। भीषण गर्मी में आम लोग बैठे रहते है वहीँ अपने भाषण में साय शुरू होते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी व्यक्तित्व और सरकार के दस साल के कामकाज का हवाला देते हैं।

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आयुष्मान योजना, गरीबों के लिए पक्के मकान, किसानों को सम्मान निधि का हवाला देते हैं। वह यह भी बताना नहीं भूलते कि मोदी जी दिन में अठारह घंटे काम हम 140 करोड़ लोगों की भलाई के लिए ही करते हैं। उनको तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने से हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत भी बन जाएंगे।

वहीँ इस समय राज्य सहित पूरे देश में गर्मी अपने चरम पर है, सबसे ज्यादा गर्म डोंगरगढ़ है तो वहीँ रायपुर, बिलासपुर सहित आस-पास के क्षेत्र भी गर्म है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री साय ने राज्य की 11 सीटें केंद्र की झोली में डालने के लिये अपने पूरे प्रयास लगा दिये है।