धर्म/संस्कृति : जहाँ भक्त की पुकार भगवान ना सुने तो भक्त कहाँ जाये? शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता, जब आपको प्रयासों का फल नहीं मिल पाता तो आपके कर्मों के हिसाब से शनि देवता फल देने में देरी नहीं करते। शनि देव को कर्म का दाता कहा जाता है। कर्म के अनुसार लोगों को फल प्रदान करने वाले शनि देव, का नियम है जैसा कर्म वैसा फल। अगर आप अच्छा कर्म करेंगे तो शनि की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी, लेकिन अगर आपके कर्म अच्छे नहीं हैं तो शनि देव के गुस्से से आपको कोई नहीं बचा सकता। ग्रह स्थितियों और और राशि के चक्रण से लोगों को फल प्राप्त होता है।
शनि देव को क्या नहीं पसंद :
- शनि देव को उन लोगों से नफरत है जो पैसा पर घमंड करते हैं।
- शनि देव उन लोगों को दंड देते हैं जो लोग दूसरों को देखकर जलते हैं।
- काम से जी चुराना जिन लोगों की आदत बन जाता है उन लोगों को शनि देव पसंद नहीं करते।
- जो लोग जरुरतमंद लोगों की सहायता या सेवा नहीं करते उनको शनि देव की कृपा प्राप्त नहीं होती।
- दूसरों के साथ छल-कपट करने वाले लोगों को शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता।
शनि देव गुस्से में क्या करते हैं? :
- गुस्सा आने पर शनि देव लोगों को कर्म के अनुसार दंड देते हैं।
- आर्थिक रुप से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
- पैसे की किल्लत से जूझना पड़ सकता है।
- बिजनेस और करियर में उतार-चढ़ाव की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
- शनि देव के गुस्सा होने पर आपके बने हुए काम बिगड़ने लगते हैं।
- शनि देव के गुस्से के कारण आपके काम में रुकावटें आने लगती है. इसका मतलब है शनि देव आपसे नाराज हैं।.
इन 2 राशियों पर रहती है शनि देव की कृपा :
सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/
शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। कुंभ और मकर राशि वाले भाग्यशाली होते हैं। इन राशि वालों को शनि देव की कृपा हमेशा बनी रहती है। इन राशियों पर शनिदेव की विशेष कृपा रहती है और शनिदेव की कृपा से इन लोगों को जीवन में परेशानियों का सामना कम करना पड़ता है। शनि की साढ़े साती को लेकर लोगों में डर बना रहता है, लेकिन शनि देवता से डरना उन लोगों को है, जो की बुरे कर्म वाले लोग है, वहीँ शनि देवता के प्रकोप से बचने के लिये उनके मन्त्र जाप और सरसों का तेल प्रति शनिवार चढ़ाना लाभदायक होता है। साल 2024 में शनि देव कुंभ राशि में विराजमान हैं।
इन राशियों पर रहेगी शनि देव की कड़ी नजर :
शनि देव अपनी राशि कुंभ में विराजमान हैं।अपनी राशि में रहने के कारण मकर, कुंभ, और मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। वहीं, कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या का असर रहेगा। इन राशि वालों को शनि चालीसा का पाठ करना चाहिये और शनि देवता पर प्रति शनिवार काली तिल, सरसों का तेल, खड़ी उड़द और काला वस्त्र अर्पण करना चहिये। शनि की कड़ी नजर के कारण इन राशियों को करियर, आर्थिक रुप से और लव लाइफ में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। शनि ढैय्या किसी भी राशि में ढाई साल तक रहती है। शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाता है। शनि का राशि परिवर्तन साल 2025 में होगा।



