मौलवी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, मदरसे के बच्चों ने ही की थी हत्या, सामने आई ये हैरान करने वाली घटना….।

अजमेर (राजस्थान) : 26 अप्रैल की रात मोहम्मद माहिर (उम्र 30) की लाठी डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अधीक्षक (अजमेर) देवेन्द्र विश्नोई ने कहा कि मस्जिद में उसके साथ रहने वाले छह नाबालिगों से पूछताछ करने से पहले जांच रोक दी गई थी। अजमेर पुलिस ने अब इस कंचन नगर मस्जिद के मौलाना की हुई हत्या की वारदात का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। मौलवी की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि मस्जिद में ही तालीम लेने वाले बच्चों ने की थी। पुलिस की जाँच में ये बात सामने आई। आरोप है कि मौलाना बच्चों को अश्लील फिल्में दिखाता था। मौलाना की इन हरकतों से परेशान होकर शिष्यों ने ही मौलाना की हत्या कर दी। उन्होंने मौलाना के अत्याचारों से तंग आकर पहले उसे नींद की गोली देकर सुला दिया और फिर मौका पाकर लाठी डंडों से पीट पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पता चला है कि बच्चों ने मौलवी को नशे की दवा दही में मिलकर दी थी। बाद में पुलिस के सामने झूठी कहानी गढ़ दी। पुलिस ने पूरे मामले की जांच पड़ताल कर मौलवी की हत्या के इस मामले में मस्जिद में पढ़ रहे 6 बच्चों को निरुद्ध किया है। उनसे इस मामले में और पूछताछ की जा रही है।

मामले का खुलासा करते हुए अजमेर एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि 27 अप्रैल को मोहम्मद तौफीक अशरफ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रामगंज थाना इलाके के कंचन नगर स्थित मोहम्मदी मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद माहिर की हत्या कर दी गई है। इस मामले में वहीं के बच्चों ने तीन लोगों को हमला कर भागते हुए देखा है। मौलाना की हत्या लाठियों और डंडों से पीट-पीटकर की गई है। पुलिस ने जांच में बताया कि मौलाना की हत्या के बाद बच्चों ने ही तीन नकाब पोशों के मौलाना को मारने की झूठी कहानी भी रची। जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार विश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया की बच्चे ने मौलाना की हरकतों से परेशान होकर उसे मारने का षड्यंत्र रचा था, जिसमें पहले तो मौलाना को चूहे मारने की गोली खिलाकर मारना चाहा लेकिन मौलाना उस दिन बाहर कहीं से खाना खाकर आ गया था, जिसके कारण वो मौका चूक गये थे।

मनोवैज्ञानिक रूप से की गई पूछताछ में सामने आया सच :

रिपोर्ट दर्ज होने और मौका पर मुआयना करने के बाद पुलिस ने केस की जांच पड़ताल शुरू की। बच्चों के बयान के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। इसके साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। मामले में कई तथ्य और साक्ष्य खंगाले गए लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। इसके बाद फिर अलग-अलग थाना अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों का गठन कर केस की नए सिरे से जांच शुरू की गई। बच्चों से मनोवैज्ञानिक रूप से पूछताछ करने के साथ ही हर एंगल को खंगाला गया।सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे गए। लेकिन कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा था।

अश्लील फिल्में दिखाकर गलत हरकतें करता था :

छोटी – छोटी नवकन्या घर आये , पूरा सुने यह मधुर भजन और हमारे चैनल को सब्सक्राईब करें, इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=8OLfH1w-yBw

फिर तहकीकात के बाद इस ब्लाइंड मर्डर की जो कहानी सामने आई वह चौंकाने वाली थी। एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि मौलाना माहिर की हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि वहीं पढ़ाई करने वाले बच्चे ही थे। उनसे पूछताछ में सामने आया कि मौलाना माहिर उन्हें मोबाईल पर अश्लील फिल्में दिखाकर गलत हरकतें करता था। एक नए लड़के के साथ उसने अप्राकृतिक कृत्य भी किया। सभी के साथ इस तरह का काम करने का दबाव बनाया गया।

निरुद्ध किए गए बच्चों की उम्र लगभग 14 से 16 वर्ष है :

इससे तंग आकर उन्होंने मौलाना को मौत के घाट उतारने का प्लान बनाया। निरुद्ध किए गए सभी बच्चों की उम्र लगभग 14 से 16 बताई जा रही है। उन्होंने ही हत्या की पूरी साजिश रची। इसके तहत मौलाना को बच्चों ने पहले नींद की गोली दी। वह जब गहरी नींद में सो गया तो लाठियों और डंडों से जमकर पीटा। उसके बाद उसका गला भी दबा दिया। इससे मौलवी की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने सभी साक्ष्य और सबूत जुटा लिए हैं। बच्चों से भी बातचीत कर इसकी पुष्टि की गई है। अब बच्चों को लेकर आगे कि कार्यवाही की जा रही है।

अभिभावावक और आसपास के लोग नजर रखें :

सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisMediaNews/

एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने अपील की है कि स्कूल और मदरसे में पढ़ने वाले शिक्षक ही अगर इस तरह का कृत्य करेंगे तो फिर इस तरह की घटनाएं सामने आना स्वाभाविक है। बच्चों के साथ अगर कुछ गलत हो रहा तो उन्हें इसकी जानकारी देनी चाहिए। इसके साथ ही सभी अभिवावकों और आसपास के लोगों को भी इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नजर रखनी होगी।