कस्टम मीलिंग घोटाले में अब राईस मिलर्स हुकुमचंद अग्रवाल के यहाँ आईटी का छापा।

सारंगढ़ : राज्य में शराब घोटाले, महादेव एप के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा में है कस्टम मीलिंग घोटाला, अब छत्तीसगढ में हुए कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच कर रही आईटी की टीम ने आज सारंगढ़ जिले के बरमकेला में राइस मिलर्स हुकुमचंद अग्रवाल के यहां छापा मारा है। विभाग ने लगभग 5 गाड़ियों में आकर राइस मिलर्स हुकुमचंद के घर पर दबिश दी है। घोटाले को लेकर फिलहाल राइस मिलर्स से पूछताछ जारी है। बीते दिनों राजनांदगांव में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की है। जहां कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि में घोटाले को लेकर टिल्लू अग्रवाल के अनुपम नगर स्थित आवास पर छापा मारा है।

टिल्लू अग्रवाल राईस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष हैं और उनकी मिल छुरिया में है। बताया जाता है कि, आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय के 6 अधिकारियों के दल ने उनके घर पर दस्तक दी। जहां उनके घर में टीम जांच कर रही है। एक सप्ताह के भीतर ईडी का यह दूसरा छापा है। टिल्लू अग्रवाल को पूर्व सीएम भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है। राज्य में बीते 5 सालों में जितने घोटाले सामने आये है, उनमें भूपेश के करीबियों का ही नाम सामने आया है।

प्रोत्साहन राशि के एवज में पैसे लेने का आरोप :

वर्ष 2021-22 में कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि के एवज में मिलर्स से प्रति क्विंटल 20 रुपये की जो वसूली की गई थी। उसमें टिल्लू अग्रवाल भी शामिल था। उनके पास से पैसे इकठ्ठे कर नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी तक पहुंचाई गई थी। इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी नाम है। इसकी जांच ईडी के साथ ही एसीबी भी कर रही है। इस मामले में भूपेश भी जेल जा सकते है, वहीँ महादेव एप को लेकर भूपेश मुश्किल में है।

इससे पहले मनोज अग्रवाल के घर पड़ा था छापा :

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इसके पहले भी जिला राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के डोंगरगढ़ स्थित निवास पर ईडी ने आठ और नौ जून को छापेमारी की गई थी और दस्तावेजों की जांच की गई थी। उनके घर से दस्तावेजों की दो पोटली जब्त कर ईडी रायपुर ले आई है। हालांकि, जांच में क्या मिला, इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय ने आधिकारिक तौर पर नहीं दी है। जिसको लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है।