अहमदाबाद (गुजरात) : हम दो हमारे बारह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, बड़ी मुश्किल से फिल्म को सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट मिल पाया है, वहीँ अब गुजरात हाई कोर्ट ने गुरुवार को आमिर खान के बेटे जुनैद खान की पहली फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर रोक लगा दी है। यह रोक हिंदू समाज की याचिका के बाद लगाई गई है, जिसमें दावा किया गया था कि फिल्म एक हिंदू संप्रदाय के अनुयायियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का काम करेगी। इसमें हिन्दुओं को टारगेट किया गया है, आमिर खान को हिंदूवादी विषय पर ही फिल्म क्यूँ बनानी है? ये सवाल सबसे पहले उठ रहा है, वहीँ आमिर खान की लगभग हर फिल्म में हिन्दू धर्म पर अपमानजनक कृत्य किए गये है, वहीँ अधिकतर लोगों को नहीं मालूम कि फिल्म पीके में एक सीन को काटा गया था, उस सीन में एक डांसिंग कार में बाहर भगवान का फोटो लगा हुआ था और अंदर लड़का-लड़की का अश्लील कृत्य चल रहा था, जिसे लड़की बोलती है ओह माय गॉड, फिर इस सीन में कॉमेडी भी की गई थी, लेकिन सीन को फिल्म से हटवा दिया गया था। यह है वो सीन :
आमिर की फिल्म महाराज पर लगी रोक :
अब सिद्धार्थ पी मल्होत्रा के जरिए डायरेक्ट की गई और आदित्य चोपड़ा के जरिए प्रोड्यूज की गई यह फिल्म महाराज 14 जून को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी। भगवान कृष्ण के भक्तों और वल्लभाचार्य (पुष्टिमार्ग संप्रदाय) के अनुयायियों की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट का यह फैसला आया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह फिल्म, जो जाहिर तौर पर 1862 के महाराज मानहानि मामले पर आधारित है, सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है और संप्रदाय और हिंदू धर्म के अनुयायियों के खिलाफ हिंसा भड़का सकती है।
याचिका के मुताबिक, 1862 का महाराज मानहानि मामला, जो “एक प्रमुख व्यक्ति के जरिए कदाचार के आरोपों” से पैदा हुआ था और जिसका फैसला बॉम्बे के हाई कोर्ट के अंग्रेजी न्यायाधीशों के जरिए किया गया था, हिंदू धर्म की निंदा करता है और भगवान कृष्ण के साथ-साथ भक्ति गीतों और भजनों के खिलाफ “गंभीर रूप से ईशनिंदा वाली टिप्पणियां” करता है।” फिल्म सामने आने के बाद अन्य कई अपमानजनक चीजें भी सामने आने की सम्भावना जताई गई है।
क्या दिया हिन्दू ग्रुप ने तर्क :
हिन्दू समाज के समूह ने यह भी तर्क दिया है कि फिल्म को ट्रेलर या किसी प्रचार कार्यक्रम के बिना गुप्त तरीके से रिलीज़ करने की कोशिश की जा रही है ताकि कहानी तक लोगों की पहुँच को ना रोका जा सके। यह भी तर्क दिया गया कि अगर ऐसी फिल्म को रिलीज़ होने दिया गया तो उनकी धार्मिक भावनाओं को गंभीर ठेस पहुंचेगी और इससे काफी नुकसान होगा। ऐसे ही आमिर खान सहित कई फिल्मों में हिन्दू धर्म का काफी भद्दा मजाक बनाया गया है जो कि आज तक असहनीय है।
कोर्ट ने क्या कहा? :
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गुजरात हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने पुष्टिमार्गियों की दलीलों पर विचार किया और किसी भी तरह से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। अब इस मामले की सुनवाई 18 जून को होगी। सोशल मीडिया पर भी यह काफी ट्रेंड हो रहा है। अब इस मामले को 18 तारीख की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा।



