पुल पर ट्रेन हुई ख़राब, यात्रियों में मचा हड़कम्प और फिर रेलवे कर्मचारियों ने लगा दी जान की बाजी।

पश्चिम चंपारण (बिहार) : कई बार कुछ ऐसी स्थितियां सामने आ जाती है, जिनको हल करना मुश्किल होता है, लेकिन ऐसी समस्या का समाधान निकालना भी जरुरी होता है, लेकिन बिरले ही कोई हिम्मत कर पाता है, ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें बगहा में रेलवे कर्मचारियों ने जान की बाजी लगाकर ट्रेन की मरम्मत की। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, बगहा में पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट और को-लोको पायलट ने अपनी जान को जोखिम में डालकर बड़ी ही मुश्किल से बीच पुल खड़ी ट्रेन की मरम्मत की। इस दौरान लोको पायलट ट्रेन और ट्रैक के बीच रेंगते हुए फॉल्ट वाली जगह तक पहुंचे। वहीं साथी ने पुल से लटक कर तार खींचा, जिससे ट्रेन फिर से स्टार्ट हो सकी। इस पूरे वाकये का वीडियो भी सामने आया है, जो कि वायरल हो गया है।

गोरखपुर से नरकटियागंज जा रही थी ट्रेन :

जानकारी मिली है कि गोरखपुर से नरकटियागंज तक जाने वाली 05497 सवारी गाड़ी के इंजन में एयर लीकेज हो गया था। इस वजह से ट्रेन वाल्मीकि नगर और पनियहवा के बीच पुल पर रुक गई। जैसे ही ट्रेन वाल्मीकि नगर रोड स्टेशन से खुली UL वॉल्व से लीकेज होने लगा और गाड़ी KM-298/20 पुल संख्या 382 पर खड़ी हो गई। बीच पुल ट्रेन रुक जाने से यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, बीच पुल पर ट्रेन खड़ी होने से यात्री भी सहम गये। जानकारी के अनुसार UL वॉल्व पुल के बीचो-बीच लीक हुआ था। ऐसे में लीकेज को बंद करना एक बड़ी चुनौती थी। 

ट्रेन खराब होने से यात्रियों में मचा हड़कंप :

भगवान राम को अपना अपना राम – राम भेजें, हनुमान चालीसा अनुवाद सहित सुने , लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=rJDZQ4R9fYs

इस इमरजेंसी वाली स्थिति में ट्रेन के लोको पायलट अजय यादव और सहायक लोको पायलट रंजीत कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना पुल पर होते हुए ट्रेन के नीचे पहुंचे। और वॉल्व को ठीक किया। ट्रेन को ठीक करने के बाद उसे आगे बढ़ाया गया। इंजन में एयर लीकेज की समस्या आने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया था। लेकिन लोको पायलट अजय यादव और रंजीत कुमार ने अपनी साहस दिखाते हुए तुरंत समस्या का समाधान खोजा। अपनी जान की परवाह किए बिना, उन्होंने इंजन को ठीक करने का कार्य किया। इस घटना में जान जाने का भी बड़ा जोखिम था।