सूरत (गुजरात) : देश में कई अवैध बंगलादेशी घुसपैठिये और रोहिंग्या रह रहे है, जो कि राष्ट्र के लिये हानिकारक है, इन्होने फर्जी दस्तावेज बनवाकर खुद को भारतीय घोषित कर दिया है। मामला है सूरत पुलिस गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक से पूछताछ कर रही है जो हिंदू नाम से बने दस्तावेजों के साथ सूरत में रह रहा था, जबकि वो मुस्लिम है। सूरत पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो मूल रूप से बांग्लादेश का नागरिक है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से सूरत शहर में हिंदू बन कर रह रहा था। इस व्यक्ति ने खुद को हिंदू बताने के लिए कई दस्तावेज भी तैयार किए थे, जिसमें आधार कार्ड से लेकर पैन कार्ड तक शामिल हैं। इन दस्तावेजों को उसने इसलिए तैयार किया ताकि उस पर किसी को शक ना हो कि वो भारतीय नहीं है। फिर भी यह पकड़ में आ गया, कई अवैध बंगलादेशी घुसपैठिये घटनाओं को अंजाम देकर बांग्लादेश भाग जाते है।
दस्तावेजों में हिंदू नाम :
पुलिस के अनुसार, उसके पास से बरामद हुए सभी दस्तावेज उसके हिंदू होने की पुष्टि करते हैं, लेकिन पूछताछ में सामने आया कि वो हिंदू नहीं है, बल्कि वह मुस्लिम है और मूल रूप से बांग्लादेश का नागरिक है, इसके सभी दस्तावेज पुलिस की कस्टडी में है। अब ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब वो मूलत: बांग्लादेशी है, तो हिंदुस्तान में क्या कर रहा था? आखिर वो किस मकसद से बांग्लादेश की सरजमीं छोड़ हिंदुस्तान में दाखिल हुआ है?
पुलिस कर रही है पूछताछ :
जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम मिनार है और उसने पश्चिम बंगाल के हेमायत सरदार के स्कूल का एलसी बनवाया था। फिर इसी एलसी के आधार पर पैन कार्ड और पासपोर्ट भी बनवाया। आरोपी ने पश्चिम बंगाल के दस्तावेज से बने पासपोर्ट से विदेश यात्रा भी की । पुलिस उससे इस बात को लेकर भी पूछताछ क्या वह देश विरोधी कृत्यों में शामिल तो नहीं रहा है। पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस मामले में पुलिस किसी ठोस नतीजे तक पहुंच सकती है। भी इस आरोपी से पूछताछ चल रही है।
किस मकसद से आया था भारत? :
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पुलिस ने कहा, “हमने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो कि पिछले कई दिनों से गुजरात के सूरत शहर में रह रहा था, वो भी फर्जी दस्तावेजों के साथ। उसके पास से कई ऐसे दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो कि उसके हिंदुस्तानी होने की पुष्टि करते हैं, लेकिन वो हिंदुस्तानी नहीं है। अब हम यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वो किस मकसद से भारत आया था?” ऐसे ही कई संदिग्ध भारतीय शहरों में फर्जी दस्तावेजों के जरिये रह रहे है।



