गैस एजेंसियों पर शिकंजा, सील पैक सिलेंडर में निकलती है कम गैस, वहीँ अब 100 किलो गैस रखने पर लगेगा लाईसेंस।

रायपुर : पेट्रोल और गैस दोनों रोजमर्रा की चीजें है, जिसमें पेट्रोल में पम्प वाले और गैस में एजेंसी वाले लोगों को लगातार चूना लगाते रहते है, तरीका भी ऐसा होता है की पीड़ित कुछ बोल भी नहीं पाता। वहीँ अब गैस एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने हिदायत दी है। अब ग्राहकों को गैस सिलेंडर तौलकर देना होगा। गैस कंपनियों के कार्यों की समीक्षा में कई खामियां सामने आने और नियम विरुद्ध कार्य करने वाली गैस कंपनियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। शिकायतों में सामने आया की सील पैक सिलेंडर में भी गैस कम निकलती है।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कीर्तिमान राठौर ने भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों सहित जिले के 42 गैस एजेंसी सहित प्राइवेट गैस एजेंसी के संचालकों की बैठक ली है। इसी दौरान सभी व्यवसायिक गैस उपभोक्ताओं को एक साथ 100 किलो से अधिक गैस रखने और औद्योगिक संस्थानों को 300 किलो से अधिक गैस रखने की स्थिति में स्टोरेज और विस्फोटक लाइसेंस को अनिवार्य बताया। इस महीने के शुरुआत में कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने बैठक लेकर नियमों का पालन करने कहा था। अब इसके बाद उक्त मात्रा से ज्यादा गैस का भण्डारण करने पर लाईसेंस लेना अनिवार्य होगा।

सुरक्षा को लेकर की जा रही लगातार अनदेखी :

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अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कीर्तिमान राठौर ने कहा कि सुरक्षा की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। सभी गैस कंपनी और एजेंसी को कमर्शियल गैस का उपयोग करने वालों को एसवी वाउचर और गैस कार्ड उपलब्ध कराने के अलावा डिलीवरी करने पर एंट्री करने संबंधी बने नियमों के पालन का निर्देश दिया है। साथ ही, घरेलू गैस का परिवहन करने वाले वाहनों में उपभोक्ता के सुविधा के तौल मशीन और विस्फोट निरोधक यंत्र रखने के भी निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में दोबारा गैस कंपनी और डीलर्स की बैठक रखी है। गैस एजेंसियों के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही है। साथ में उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहना जरुरी है।