बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डोंडीलोहरा ब्लाक के ग्राम भेड़ी में बड़ी घटना घट गई। बताया जा रहा है कि आगनबाड़ी में पढ़ने गया 3 साल का बच्चा आगनबाड़ी से लगे 4 फिट के नाले में बह गया। इसकी तलाश देर शाम तक प्रशासन को टीम करती रही। बता दे कि ग्राम भेड़ी में ग्राम पंचायत से लगे आँगनबाड़ी में 3 साल का नैतिक सिन्हा पिता वासुदेव सिन्हा पढ़ने गया था। जहा वो बच्चों के साथ बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते पास के नाली में बह गया। घटना के सूचना मिलते ही एसडीएम पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। बच्चे की तलाश की गई मगर देर शाम समाचार लिखे जाने तक बच्चे की तलाश जारी रखी।डौंडीलोहारा ब्लॉक में 3 वर्षीय नैतिक नाले में बह गया और 20 घंटे बाद उसका शव मिला।
क्या है मामला :
वहीं आशंका जताई गई कि गांव भेड़ी से 1 किलोमीटर दूर बटेरा नाला है, जो गांव का नाली वहां जा के मिलता है तो बच्चा बह के वहां तक पहुच गया होगा। क्योकी पिछले 3 दिनों से हो रही मुसलाधार बारिश से छोटे-छोटे नाले उफान पर है। पूरे मामले में अब लापरवाही की बात भी समाने आई है। जहां बच्चा आगनबाड़ी में पड़ने गया था और ये घटना घट गई इसमे बड़ी लापरवाही आगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की देखी जा रही है। नाले में बहे बच्चे का आगनबाड़ी में मंगलवार को दूसरा दिन था। वहीं डोंडीलोहरा पुलिस भी अब मामले में आगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का बयान लेकर विवेचना कर रही है। वहीं इतने बड़े नाली को ऐसे खुला छोड़ने के मामले में पंचायत के सचिव और सरपंच की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहाँ देखना होगा कि क्या आगे कार्यवाही की जाती है।
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उठ रहे है कई सवाल :
ग्राम भेड़ी में ग्राम पंचायत से लगे आँगनबाड़ी में 3 साल का नैतिक सिन्हा पिता वासुदेव सिन्हा पढ़ने गया था। जहा वो बच्चों के साथ बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते पास के नाली में बह गया। घटना के सूचना मिलते ही एसडीएम पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। बच्चे की तलाश की गई मगर देर शाम समाचार लिखे जाने तक बच्चे की तालाश जारी रखी।1 किलोमीटर दूर बटेरा नाला है, जो गांव का नाली वहां जा के मिलता है तो बच्चा बह के वहां तक पहुच गया होगा। क्योकी पिछले 3 दिनों से हो रही मुसलाधार बारिश से छोटे-छोटे नाले उफान पर है। पूरे मामले में अब लापरवाही की बात भी समाने आई है। जहां बच्चा आगनबाड़ी में पड़ने गया था और ये घटना घट गई इसमे बड़ी लापरवाही आगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की देखी जा रही है।



