मकान दिलाने के नाम पर 32 लोगों से की करोड़ों रूपये की धोखाधड़ी, सामने आया ये मामला…..।

रायपुर : मकान – दुकान दिलाने के नाम पर लगातार ठगी के मामले सामने आ रहे है, आदमी कितना भी जागरूक और समझदार क्यूँ ना हो, वो कहीं ना कहीं ठगबाजों के जाल में फंस जाता है। ऐसी ही एक घटना टिकरापारा थाना से आई जहाँ 32 लोगों ने बंटी-बबली की जोड़ी के साथ तीन लोगों के खिलाफ मकान दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपए की ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जालसाजों ने प्रापर्टी डीलिंग करने की आड़ में लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। ठगी के शिकार गरीब तथा मध्य वर्ग के लोग शामिल हैं। जिनकी जीवन भर की पूंजी इन लोगों ने ठग ली है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधानसभा थाना क्षेत्र छपोरा निवासी अभय कुमार यादव, चेतना यादव तथा निहाल यादव के खिलाफ सरिता कारकाडे सहित 32 लोगों ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन लोगों ने लालपुर में एक मकान किराए पर लेकर अभय रियल एस्टेट एंड कंस्ट्रक्शन के नाम से वर्ष 2022 में ऑफिस खोला था। शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों ने पुलिस को बताया है कि अभय ने एजेंट के माध्यम से उनसे संपर्क कर सस्ती दर पर कमल विहार में स्वतंत्र मकान दिलाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया है। ठगी के शिकार लोगों के अनुसार अभय तथा चेतना ने उन्हें कमल विहार सेक्टर-1 में क्रीम लोकेशन में मकान दिखाकर ठगी का शिकार बनाया। जगह देखकर उन्हें पसंद आई, जिसके बाद वो उनके झांसे में आ गये।

जेवर बेचकर पैसे दिए :

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सोनिया पाल लालपुर में किराए के मकान में रहती है। वह निजी क्षेत्र में नौकरी करती है। सोनिया के अनुसार अभय तथा चेतना ने उसे सस्ती दर पर कमल विहार में मकान दिलाने का झांसा देकर पौने तीन लाख रुपए की ठगी की है। यह रकम उसने अपने जेवर बेचकर दी थी, जिसके बाद अब उसके पास कुछ नहीं बचा है। अब सोनिया इस मामले के सामने आने के बाद काफी परेशान हो चुकी है। वहीँ 32 अन्य लोगों ने भी ठगबाजी होने की जानकारी दी है, यह संख्या और ज्यादा भी हो सकती है।

दूसरी पार्टी होने का झांसा देकर लोगों से किया सौदा :

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लोगों को ठगी की जानकारी नहीं मिल पाए, इसके लिए जालसाज लोगों से मकान का सौदा करने के समय यह कहता था कि मकान खरीदने वाला वह दूसरी पार्टी है। पहली पार्टी द्वारा मकान नहीं खरीदने पर जालसाज अपने नाम से रजिस्ट्री कराने का झांसा देता था। पीड़ित लोगों केअनुसार, अभय तथा उसके साथी किराए के मकान में रहने वाले लोगों को टार्गेट कर अपने कार्यालय में बुलाते थे। किराए के मकान में रहने वाले लोगों से उनके किराए के बारे में जानकारी हासिल कर महीने में वे जितना मकान किराए के रूप में देते हैं, उतनी राशि किश्त के रूप में जमा कराने का झांसा देकर बैंक से लोन पास कराने की बात कह कर अपने ठगी के जाल में फंसाता था। वो लोग RDA में सेटिंग होने बात भी कहते थे, जिससे लोग उसके झांसे में आ जाते थे और रकम दे देते थे।