10 आरोपियों ने 80 से ज्यादा लोगों के साथ की लाखों की ठगी, सामने आया हैरान करने वाला मामला।

रायपुर : आम आदमी लगातार ठगी का शिकार हो रहा है, डॉक्टर, इंजीनियर गृहणी , व्यापारी सब कहीं ना कहीं ठगी के शिकार हो रहे है। खासकर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी चरम पर है। ऐसे ही शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी दुर्ग जिले के रहने वाले हैं। दरअसल, इन दोनों ने डॉक्टर प्रकाश गुप्ता से 75 लाख रुपए की ठगी की थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों के 80 थानों में FIR दर्ज है। 

मामले में कार्यवाही करते हुये रेंज साइबर थाना रायपुर ने शेयर ट्रेडिंग के नाम से ठगी करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर विकास चंद्राकर है और उसको खाते उपलब्ध करवाने वाले आशीष साहू को भी भिलाई से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर छत्तीसगढ़ समेत लगभग 10 राज्यों में करोड़ों की ठगी की है। विकास चंद्राकर खुद अपने शिकार को बताकर जाल में फंसाकर ठगी करता था। आशीष साहू रेलवे और एयर टिकट सेंटर की आड़ में लोगों से बैंक खाते किराए पर लेकर विकास चंद्राकर को उपलब्ध कराता था।

धोखाधड़ी के करीब 80 मामले :

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आरोपी विकास और उसके गैंग से जब्त बैंक खातों में अलग-अलग राज्यों में धोखाधड़ी के करीब 80 मामले हैं। इनके पास से 4 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 7 डेबिट कार्ड, एक कार सहित 8 लाख रुपये बैंक खाते में होल्ड कराए गए हैं। इस मामले को लेकर टाटीबंध स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले रिटायर्ड सिविल सर्जन डॉ. प्रकाश गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम से आरोपियों ने 74.49 लाख रुपये की ठगी की थी। इसके बाद रेंज साइबर थाना रायपुर ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचे। रिपोर्ट के आधार पर धारा 420 और 34 IPC के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा द्वारा रेंज साइबर थाना की टीम को तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के संबंध में निर्देश दिया गया। जांच में प्रार्थी ने जिन बैंक खातों में रकम डाली थी, उसकी जांच की गई। वहीं मोबाइल नंबरों की पड़ताल की गई। जिस पर आरोपी आशीष साहू द्वारा विभिन्न बैंकों में खाता खुलावकर अपने साथी आरोपी विकास चंद्राकर को दिया गया था।

मसूरी में बैठकर चल रहा था ठगी का खेल :

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आरोपी विकास चंद्राकार निवासी भिलाई निवासी है जो कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह दो साल से शेयर ट्रेडिंग के नाम ठगी का खेल चला रहा है, कई लोग इसके हत्थे चढ़ चुके है। यह वर्चुअल नंबर का प्रयोग करता है और अन्य लोगों से बैंक खाते किराया में लेकर ठगी की रकम जमा करवाने में प्रयोग करता था। विकास मसूरी में अन्य साथियों के साथ मिलकर शेयर मार्केट में मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी करता था। उसके अन्य साथियों की पुलिस पतासाजी कर रही है। ऐसे ही कई लोग ट्रेडिंग के नाम पर पहले मुनाफा देते हिया उर फिर ठगी को अंजाम दे देते है।

हर खाते का कमीशन :

आशीष साहू लोगों से किराए में खाते लेता था। उसके बदले में उन्हें 5 से 7 हजार रुपए उपलब्ध करवाता था। पुलिस ने जिन बैंक खातों के आधार पर आरोपियों को पकड़ा है, उसमें डॉक्टर से 25 लाख रुपये जमा करवाए गए थे। इसके बदले में विकास ने आशीष को कमीशन के रूप में तीन लाख 70 हजार रुपए दिए थे। पुलिस ने विकास चंद्राकर के 10 से अधिक बैंक खाते की जानकारी प्राप्त हुई है।

आरोपियों के बैंक खाते और मोबाइल नंबर खंगाले गए :

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पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने रेंज साइबर थाना की टीम को निर्देश दिए। निर्देशनुसार कार्यवाही करते हुए आरोपियों की तरफ से उपयोग किए जा रहे बैंक खातों और मोबाईल नंबरों की जानकारी ली गई। इसके बाद पता चला है कि, आरोपी आशीष साहू ने अलग-अलग बैंकों में खाता खुलवाकर अपने साथी आरोपी विकास चंद्राकर को दिया था। बैंक खातों में प्रार्थी से 25 लाख रुपए जमा करवाए गए थे। बैंक खातों के एवज में विकास चंद्राकर ने कमीशन के रूप में 3.70 लाख रुपए आशीष को भी दिया था। ये सभी लोग मिल-जुलकर घटना को अंजाम देते थे।

आरोपियों के खिलाफ 80 पुलिस थानों में दर्ज है रिपोर्ट :

भिलाई के रहने वाले आरोपी विकास चंद्राकार पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। यह वर्चुअल नंबर का प्रयोग करता है और अन्य लोगों से बैंक खाते किराया में लेकर ठगी की रकम जमा करवाता था। इन बैंक खातों में अलग-अलग राज्यों के कुल 80 पुलिस थाना और साइबर सेल मे रिपोर्ट दर्ज की है। विकास चंद्राकर के खुद 10 से अधिक बैंक खातों के बारे में बताया है। हालांकि अब दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। जितनी रकम इन्होने लोगों से ठगी है, उसमें से अधिकतर रकम को इन्होने आपस बांट लिया है।

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