पं. प्रदीप मिश्रा को नहीं मिली आयोजन की अनुमति, सामने आई ये जानकारी….।

मुंगेली : विगत दिनों पं. प्रदीप मिश्रा का कार्यक्रम राजधानी रायपुर में आयोजित किया गया था,जहाँ काफी भीड़ एकत्र हुई थी। उसके बाद पं. प्रदीप मिश्रा का कार्यक्रम मुंगेली में आयोजित था, अब लोरमी में आयोजित कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा को प्रशासन की अनुमति नहीं मिली है। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल को कथा के लिए उचित नहीं माना है और आवेदन को अस्वीकार कर दिया है। जानकारी सामने आई है कि पं. प्रदीप मिश्रा के द्वारा मुंगेली के लोरमी में 2 से 8 अगस्त तक कथा वाचन किया जाना था। मामले को लेकर बता दें कि, लोरमी युवा मंडल ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए प्रशासन को आवेदन जुलाई को दिया था। 25 जुलाई को प्रशासन ने विभिन्न विभागों से मिले अभिमत के साथ आयोजन की अनुमति देने से मना कर दिया है। वर्तमान में बारिश भी लगातार हो रही है।

प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, डीएसपी लोरमी, बीएमओ लोरमी, पीएचई लोरमी से अभिमत मांगा था। सभी विभागों ने कार्यक्रम स्थल को कथा के लिए उचित नहीं माना और गंभीर आपत्ति जताई। ढोलगी रोड वार्ड नंबर 14 में जिस जगह पर कथा के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी वहां पीडब्ल्यूडी ने डोम लगाने पर डोम के गिरने की आशंका जताई है, बारिश और तेज हवाओं में डोम गिर सकता है। वहीँ ड्रेनेज सिस्टम ना होने से कीचड़ होने और भगदड़ की स्थिति होने की आशंका भी जताई गई है। बिजली विभाग ने बारिश के दौरान खरीफ फसलों का रोपण, आंधी बारिश, आकाशीय बिजली की आशंका जताई है। लोरमी पुलिस ने पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग के अभिमत का उल्लेख करते हुए लिखा है कि दोनों प्रमुख तकनीकी विभाग की सहमति के अभाव में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से आयोजकों को अनुमति देना उचित नहीं है।

आधी रात स्थल पर पहुंचे अफसर :

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सोमवार को नवयुवक मंडल ने मानस मंच में क्षेत्रीय विधायक अरुण साव से कार्यक्रम की प्रशासनिक अनुमति के लिए मुलाकात की थी। जिस पर कलेक्टर राहुल देव ने पीडब्ल्यूडी के उच्चधिकारियों को कथा स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी जानकारी लेकर एवं आवश्यक जांच कर रिपोर्ट देने कहा। आयोजन स्थल को लेकर बताया जा रहा है कि पीडब्लूडी के उच्चाधिकारी देर रात तक आयोजन स्थल में कितने फीट तक मुरुम या डस्ट से फिलिंग की गई है, देखने गये हुये थे। अधिकारीयों ने जेसीबी मशीन से खुदाई कर जगह की जांच की। आयोजकों द्वारा चार डोम तैयार किए जा रहे हैं। समिति द्वारा काफी व्यय भी किया जा चुका है।

आवश्यक इंतजाम नहीं :

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स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि,  जिले में मलेरिया, डायरिया का खतरा रहता है। 30 से 40 हजार श्रद्धालु रात को पंडाल में ही रुकेंगे, बरसात में नम मिट्टी के पर कारपेट में सोने से स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। पीएचई विभाग ने पानी से संबंधित विभिन्न रोग डायरिया, कालरा की आशंका जताते हुए जलजनित बीमारियों से जनहानि की आशंका जताई गई है। वहीं नगर पालिका परिषद लोरमी ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया। पालिका परिषद ने कहा कि नहाने, शौच आदि के लिए नगर पालिका क्षेत्र में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उपरोक्त कारणों से आयोजन को अनुमति नहीं मिल पाई है।