वायनाड़ में हुआ हादसा, कई जगहों पर हुए भूस्खलन में फंसे सैकड़ों परिवार, 11 लोगों की हुई मौत।

वायनाड़ (केरल) : ज़िले में भारी बारिश के कारण हुए भयानक भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। मंगलवार सुबह मेप्पाडी के पास पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ, जिसमें मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांव सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। भूस्खलन की कई घटनाओं में मलबे में दबने से 11 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। इस घटना में बड़े पैमाने पर नुकसान का अंदेशा है। वायनाड़ के मेप्पाडी, मुबदक्कई और चूरल मला पहाड़ियों पर भूस्खलन हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, पहला भूस्खलन मुबदक्कई में रात करीब 1 बजे हुआ था। लैंडस्लाइड कई जगहों पर हुआ है, जिससे कई परिवार फंसे हुये है और काफी नुकसान भी हुआ है।

घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि अगला भूस्खलन चूरल माला में सुबह 4 बजे हुआ था। उस समय वहां बचाव अभियान चल रहा था। कैंप के तौर पर काम करने वाला एक स्कूल, एक घर, एक स्कूल बस सभी कथित तौर पर बाढ़ में डूब गए और कीचड़ व पानी से भर गए। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। 6 शवों को मेप्पडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 5 को एक निजी मेडिकल कॉलेज में लाया गया। राहत कार्य लगातार जारी है।

पूल ढहने से 400 परिवार फंसे :

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, चूरल माला शहर में एक पुल के ढहने के बाद लगभग 400 से ज्यादा परिवार फंसे हुए हैं। कई लोगों के घायल होने की खबर है और कई घर बह गए हैं। पूरे क्षेत्र में बिजली गुल होने के कारण नुकसान का आंकलन फिलहाल नहीं लग पाया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने प्रभावित क्षेत्रों में दमकल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया है। 

राहत कार्य में जुटीं सरकारी एजेंसियां :

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मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियां राहत कार्य में लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। घटना की जानकारी होने के बाद से ही सरकारी तंत्र बचाव कार्य में जुट गया है। कई मंत्री वायनाड़ पहुंचेंगे और गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे। बचाव कार्य के लिए कन्नूर डिफेंस सिक्योरिटी कोर की दो टीमें जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचेंगी। वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर 7:30 बजे सुलूर से उड़ान भरेंगे। कन्नूर रक्षा सुरक्षा कोर की दो टीमों को भी बचाव प्रयासों में सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं।

इमरजेंसी नंबर जारी किए गए :

केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी कि वायनाड जिले में भूस्खलन सहित बारिश के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक नियंत्रण कक्ष खोला है। आपातकालीन सहायता के लिए 9656938689 और 8086010833 नंबर जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वायनाड भूस्खलन के मद्देनजर आज होने वाले सभी सरकारी कार्यक्रमों को रद्द करने को कहा है। इस बीच, पलक्कड़ प्रशासन ने अगले आदेश तक जिले में खनन पर रोक लगा दी है।

भारी बारिश की चेतावनी :

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मौसम विभाग ने भी अगले कुछ घंटे के दौरान केरल के मलप्पुरम और कन्नूर जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। अगले कुछ घंटे के दौरान केरल के कोल्लम, अलपुझहा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। साथ में भारतीय नौसेना के रक्षा सुरक्षा कोर के कर्मी खोज और बचाव अभियान के लिए भूस्खलन स्थलों की ओर बढ़ रहे हैं।