सूरत (गुजरात) : भूमाफिया किस कदर लोगों की जमीन हथिया लेते है, इसका अंदाजा लगाना बड़ा ही मुश्किल है, यह काम गुंडे और बदमाशों का ही होता है, जिससे जमीन मालिक निपट नहीं पाता, भूमाफिया इतनी जमीन हथिया सकते है जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल है। एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला गुजरात के सूरत से आया है, जहाँ पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर ने लोगों की जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। बता दें कि गुजरात में गैरकानूनी तरीके से लोगों की जमीन हथियाने वाले लैंड ग्रैबर्स के खिलाफ 2020 में ही लैंड ग्रैबिंग एक्ट पास किया गया था। इसमें दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है। सूरत जिले में लैंड ग्रेबिंग कमेटी को मिली अर्जियों को लेकर कार्यवाही की गई है। इसमें सूरत शहर में 17 और सूरत ग्रामीण में 9 अर्जियों में गैरकानूनी कब्जा करने वालों के खिलाफ FIR दाखिल की गई है। जिसको लेकर अब ये कार्यवाही की गई है, जो कि हैरान करने वाला मामला है, जिसका खुलासा हो पाया है।
12 मामलों में दोबारा जांच के आदेश :
गैरकानूनी रूप से जमीनों और संपत्तियों पर कब्जा जमाने वालों को इस कानून की गंभीरता समझाई गई है। इसका असर यह हुआ कि सूरत सिटी में 23 और ग्रामीण में 20 लैंड ग्रैबर्स ने जमीन, फ्लैट, दुकान और मकानों का कब्जा उनके असली मालिको को सौंप दिया गया है। वहीं, 163 अर्जियां इस कानून के दायरे में नहीं आती थी इसलिए उन्हें खारिज कर दिया गया है। कुल मिलाकर पिछले 3 महीने में 232 अर्जियों का निपटान हुआ है और 12 मामलों में कमेटी द्वारा दोबारा जांच के आदेश दिए गये हैं। भूमाफिया लगातार लोगों की सम्पत्तियां हड़प रहे है, जो कि क़ानूनी पचड़े में पड़कर लम्बे समय भू मालिक परेशान नहीं होना चाहता।
23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया :
भूमाफियाओं के खिलाफ सूरत शहर पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में अलग-अलग पुलिस स्टेशन में जमीन हथियाने की अर्जियों को लेकर असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर्स और प्रांतीय अधिकारीयों द्वारा जांच की गई। इनमें लैंड ग्रैबिंग एक्ट के तहत हाजिर पुलिस स्टेशन में 3, आठवा में 2, अदाजण में 2, कापोद्रा में 1, सरथाणा में 1, सलाबतपूरा में 1, डिंडोली में 1, उमरा में 1, खटोदरा में 1, पांडेसरा में 1, सचिन में 1, रान्देर में 1 और जहांगीरपूरा में 1 यानी कि कुल मिलाकर 17 मामले दाखिल किए गए और इनसे जुड़े 29 आरोपियों में से 23 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया गया।
सूरत रूरल में 8 FIR दाखिल की गईं :
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इन मामलों में जमीन के 5, फ्लैट के 5, दुकान के 3, प्लाट के 2 और मकान के 2 केस शामिल हैं। वहीं, सूरत रूरल में 8 FIR दाखिल की गई हैं। सूरत शहर की अंदाजन 25 करोड़ रुपये और जिले की अंदाजन 7 करोड़ रुपये यानी कि कुल मिलाकर 32 करोड़ रुपये की संपत्ति नियमों के अनुसार असली मालिकों को वापिस सौंपने की कार्यवाही चल रही है। साथ ही कानून के डर से जांच के दौरान ही सूरत शहर में 29 और रूरल में 43 मिलकर कुल 72 अवैध कब्जाधारियों ने जमीन या प्रॉपर्टी वापस असली मालिकों को सौंप दी है, जिनकी सम्पत्ति लगभग 120 करोड़ रुपये की है। यह संपत्तियां उनके मालिकों को लौटने की कार्यवाही की जा रही है।
2020 से अब तक 1200 अर्जियों का निपटान :
इस तरह कुल मिलाकर 152 करोड़ रुपयों की संपत्ति असली मालिकों को वापस देने की कार्यवाही की गई है। पिछले एक साल में जमीं हथियाने को लेकर सूरत शहर में 30 और रूरल में 19 यानी कि कुल मिलाकर 49 मामलों में FIR की गई है। गौरतलब है कि 2020 में लैंड ग्रेबिंग एक्ट के अमल से अब तक 1200 अर्जियों का निपटान हो चुका है और 395 अर्जियों की जांच चल रही है। इनमें सूरत रूरल में 65 और सूरत सिटी में 67 यानी कि कुल मिलाकर 132 FIR दर्ज की गई हैं। इस कानून से जहाँ आम आदमी को बड़ी राहत मिली है, वहीँ इस कानून से लोगों की खुशियाँ वापस लौटी है।
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