इस बार महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष सीधे चुनेगी जनता, कोर ग्रूप में बनी सहमति, सामने आई ये जानकारी….।

रायपुर : राज्य चुनाव होने के बाद, केन्द्रीय चुनाव भी संपन्न हो चुके है, अब निकाय चुनावों की बारी है। प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में इस बार नगर निगमों में महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का चुनाव जनता सीधे कर सकेगी, पिछली बार जनता को धोखे में रखकर महापौर तय किया गया था। इस बार प्रत्यक्ष चुनाव कराने पर भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में सहमति बन गई है। अब इसी के साथ मंत्रिमंडल समिति में भी नगरीय निकाय चुनाव पर चर्चा की गई है। अब प्रदेश सरकार कैबिनेट में प्रत्यक्ष चुनाव का प्रस्ताव रखकर इसको मंजूरी देगी। इसी के साथ पिछली सरकार का वह फैसला बदल जाएगा जिसमें महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष कराने का फैसला किया गया था। भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के बाद मंत्रिमंडल समिति की बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा सहित सभी मंत्री, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव और प्रदेश महामंत्री पवन साय की उपस्थिति में नगरीय निकाय चुनाव पर अहम चर्चा गई। लम्बे समय से जनता को महापौर चुनने का सीधा अधिकार था, जो कि पिछली बार बदल दिया गया।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन के शनिवार की सुबह को यहां आने के बाद कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह से लेकर शाम तक बैठकों का दौर चला। कोर ग्रुप की बैठक में सबसे अहम नगरीय निकाय चुनाव को लेकर चर्चा की गई, नगरीय निकाय में अधिकतर 70 वार्डों में से कांग्रेस के प्रतिनिधि चुनाव जीतते है। अब पिछली बार के में कांग्रेस सरकार के उस फैसले को बदलने का निर्णय किया गया है, जिसमें कांग्रेस सरकार ने प्रत्यक्ष चुनाव को अप्रत्यक्ष कर दिया था, जनता भी इस तरह से चुनाव कराने के खिलाफ थी। सभी ने एक स्वर में इस बात पर सहमति जताई कि जनता को ही महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करने का अधिकार पहले की तरह देना चाहिए। इसी साथ नगरीय निकाय चुनाव के साथ पंचायत चुनाव को कराने पर चर्चा की गई है। इसी के साथ संगठन के कार्यक्रमों को लेकर भी कोर ग्रुप में चर्चा की गई। आपको बता दें कि पार्षद चुनाव में आम जनता प्रतिनिधि के आधार पर ही वोट करती है, वहीँ बीते तीन बार के चुनावों में राजधानी में कांग्रेस का ही महापौर बना है।

प्रदेश सरकार पर चर्चा :

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कोर ग्रुप के बाद मंत्रिमंडल समिति की बैठक भी हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय, दोनों डिप्टी सीएम के साथ प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम, ओपी चौधरी, श्याम बिहारी जायसवाल, टंकराम वर्मा, लखनलाल देवांगन, दयालदास बघेल, लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुए। इस बैठक में भी मुख्य रूप से नगरीय निकाय चुनाव को लेकर चर्चा की गई। इसी के साथ प्रदेश सरकार के कामों पर भी चर्चा की गई। आने वाले समय में भाजपा के वादे के अनुसार मोदी की गारंटी को लेकर चर्चा हुई। आने वाले समय में कौन-कौन की गारंटी का वादा पूरा करना है इसको लेकर भी रणनीति बनाई गई है। नगरीय निकाय में अधिकतर 70 वार्डों में से कांग्रेस के प्रतिनिधि चुनाव जीतते आये है, और राजधानी में लगातार कांग्रेस का महापौर बनने से भाजपा के लिये इस बार अग्निपरीक्षा होगी।