रायपुर : डीजल और पेट्रोल के ऑटो का चलन कम करवाने के लिये सरकार ने ई-रिक्शा चालकों को छूट दी थी, जिसके बाद ई-रिक्शा के चालकों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है, वहीँ दूसरी तरफ पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर ई- व्हीकल पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन ई-व्हीकल को लेकर एक वर्ग ऐसा भी है, जो छूट का नाजायाज फायदा भी उठा रहा है। इनमें कई ई-रिक्शा चालकों की मनमानी भी सामने आ रही है, जो ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर बेतरतीब ढंग से वाहन चला रहे हैं। इसके चलते जाम की स्थिति निर्मित होने के साथ ही हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, वर्तमान में राजधानी की सड़कों पर 15 हजार के लगभग ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनका बेतरतीब चालन लोगों के लिये मुसीबत बन रहा है, वहीँ मालवीय रोड में भी ये ट्रैफिक जाम की समस्या भी खड़ी कर रहे है।
गौरतलब है कि ड्राइविंग लायसेंस के आधार पर ई-रिक्शा चलाने की अनुमति परिवहन विभाग ने दी है। इसके चलते बहुतायत में पेट्रोल, डीजल से चलने वाले ऑटो सड़कों से तेजी से गायब हो रहे हैं। छोटे कमर्शियल वाहन ऑटो चलाने वाले ज्यादातर लोग ई-रिक्शा ले रहे हैं। शासन स्तर पर मिली छूट के आधार पर शहर में पिछले तीन वर्षों में ई-रिक्शा की संख्या में दो से ढाई गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। ज्यादातर ई-रिक्शा शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। साइज छोटी होने की वजह से ई-रिक्शा के चालक मनमाने तरीके से किसी भी जगह से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं। इसके चलते भी ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती है। ये अचानक से कहीं भी गाड़ी अड़ा देते है, वाहन टकराने पर विवाद करते है।
ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं :
ट्रैफिक पुलिस के अफसर, कर्मियों के मुताबिक सबसे ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघन करने की शिकायतें ई-रिक्शा चालकों की मिल रही हैं। ई-रिक्शा के चालक सिग्नल की अनदेखी करते हुए अपने वाहन तेजी के साथ रेड, यलो सिग्नल में भी निकाल लेते हैं। ट्रैफिक डीएसपी गुरजीत सिंह के मुताबिक, ट्रैफिक उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई है। पिछले महीने दो हजार के लगभग ई रिक्शा चालकों के खिलाफ ट्रैफिक उल्लघन की कार्यवाही की गई है। समय रहते इनकी मनमानी ओअर लगाम लगाना जरुरी है।
नहीं तो फिर लगेगा टैक्स :
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सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या बढ़ने का एक प्रमुख कारण मामूली रोड टैक्स लगना है। कमर्शियल सूची में ई-रिक्शा तथा मालवाहक ई- वाहन के शामिल होने पर वाहन चालकों को परिवहन विभाग से परमिट लेना पड़ेगा। साथ ही फिटनेस जांच कराने की बाध्यता होगी। परमिट तथा फिटनेस जांच की बाध्यता होने पर कमर्शियल ई-व्हीकल की बढ़ती संख्या पर लगाम लग सकती है। इसके लिए भले ही अन्य कमर्शियल वाहनों की तुलना में रजिस्ट्रेशन शुल्क शासन स्तर पर कम किया जा सकता है। लेकिन इन पर अब कसावट की जायेगी।
कमर्शियल व्हीकल की सूची में शामिल करने पत्र :
ई-रिक्शा चालकों की मनमानी देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर ई-रिक्शा तथा माल ढोने वाले ई-व्हीकल को कमर्शियल व्हीकल की सूची में शामिल करने पत्र लिखा है। ट्रैफिक पुलिस के पत्र के आधार पर परिवहन विभाग ने भी राज्य सरकार को ऐसे वाहनों को कमर्शियल सूची में शामिल करने अनुशंसा की है। जिसको लेकर इस काम हो जाने के बाद ऐसे वाहन चालकों पर शिकंजा भी कसा जा सकेगा।



