मंदिर में घंटी बजाने से हुआ बवाल, मंदिर कमेटी को पहुंचा नोटिस, शिकायत करने वाले को लेकर भी खड़े हुये सवाल।

नॉएडा (उ.प्र.) : मुसलमान कुछ करे तो बड़ा विरोध होना शुरू हो जाता है, लेकिन वही जब हिन्दू करे मामला ज्यादा गर्म नहीं होता। हिन्दू बस्ती में मुसलमान मस्जिद बना लेता है तो हिन्दू विरोध नहीं कर पाता, लेकिन वहीँ मंदिर से खुद हिन्दू ही परेशान होने लगता है। एक ऐसा ही मामला नॉएडा से सामने आया है, जिसमें ग्रेटर नोएडा की एक सोसाइटी में मंदिर में घंटी बजाने से हुए ध्वनि प्रदूषण पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) की तरफ से एक नोटिस भेजा गया है। इस नोटिस की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और लोगों ने इस पर जमकर कमेंट किए हैं और लिखा है कि अगर योगीराज में यह होगा तो फिर क्या किया जाए। वहीँ तरह-तरह की बातें सोशल मीडिया पर होने लग गई है।

उक्त मामले में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सौंदर्यम सोसायटी में मंदिर की घंटी से तेज आवाज आने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन को नोटिस भेजा है। घंटी की ध्वनि मानकों के अनुसार रखने का निर्देश दिया है। नोटिस जारी करने का सोसायटी के लोगों ने विरोध किया है। यहां हर रोज पूजा अर्चना होती है। सोसायटी के मुदित बंसल ने 30 जुलाई को ईमेल के माध्यम से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मंदिर की घंटी से अधिक शोर होने की शिकायत की। 

सामने आया ये पूरा मामला? :

यह मामला गौर सौंदर्यम सोसाइटी का है। वहां रहने वाले एक निवासी मुदित बंसल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत दी थी कि सोसायटी के मंदिर में बजने वाली घंटियों से काफी ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होता है। इस पर यूपीपीसीबी ने सोसायटी को नोटिस भेजा है। यह नोटिस मिलने के बाद सोसाइटी में बवाल मच गया है।

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इस सोसाइटी में रहने वाले मुदित बंसल ने 30 जुलाई को ई-मेल से यूपीपीसीबी को शिकायत भेजी थी। इसके बाद 5 अगस्त को यूपीपीसीबी ने मंदिर की घंटी से होने वाले ध्वनि प्रदूषण का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान मंदिर की घंटी से 70 डेसिबल का शोर मिला।  मानकों के अनुसार आवासीय क्षेत्र में दिन के समय 55 और रात को 45 डेसिबल तक का शोर निर्धारित है।सोसाइटी को जारी नोटिस में कहा गया कि ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे लोगों को घंटी के शोर से समस्या न हो। सोसायटी से नोटिस पर जवाब भी मांगा गया है, जिसको लेकर मंदिर कमेटी ने जवाब देने की तैयारी कर ली है।

नोटिस से लोगों में रोष :

यह नोटिस सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है, जिस पर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे है, इस घटना से लोगों ने आस्था को चोट पहुँचाने वाला बताया है। लोगों का कहना है कि यूपीपीसीबी प्रदूषण पर नियंत्रण करने में नाकाम साबित हो रहा है। प्रदूषण की जगह मंदिर की घंटी पर नोटिस जारी कर रहा है, जो कि गलत है। मंदिर की घंटी से ध्वनि प्रदूषण नहीं होता है। निवासियों ने कार्यवाही वापस लेने की मांग की है। इस मामले के सामने आने के बाद बड़ा बवाल मचा है, जिसको लेकर अन्य धार्मिक स्थलों का भी मुआयना करने की बात भी कही गई है।