भोपाल (म.प्र.) : 24 साल की उम्र धीरेन्द्र शास्त्री देश विदेश में चर्चित है, आज शायद ही कोई ऐसा हो जो उन्हें नहीं जानता हो, कई बार लोग किसी ना किसी मुद्दे को लेकर उनका विरोध करते रहते है, लेकिन उनके चाहने वालों की संख्या भी उसी गति से बढ़ रही है। अब बाबा फिर से चर्चा में आ गये है, बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर भगवान कृष्ण के देश में उनकी चर्चा नहीं होगी तो क्या पैगंबर मोहम्मद या जीसस क्राइस्ट की होगी। उन्होंने कहा कि भारत भगवान कृष्ण का राष्ट्र है, भगवान श्री राम का राष्ट्र है, मध्य प्रदेश हृदय है, जिसे सीखना है सीखे, नहीं सीखना है न सीखे। वहीं, छतरपुर में हुई बुलडोजर कार्यवाही पर बोलते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा कि छतरपुर में कार्यवाही करके पुलिस प्रशासन ने बता दिया कि अगर ऐसा करोगे तो ‘छत घर से जुदा’ हो जायेगी।
छतरपुर में जो कुछ हुआ, वह सब प्लांटेड था’ :
धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि छतरपुर में जो हुआ, वह सब योजनाबद्ध था। उन्होंने कहा कि भारत में शांति बनाए रखें क्योंकि यह न तो बांग्लादेश है और न ही श्रीलंका। बाबा ने कहा, ‘भारत में है कानून और कानून के हाथ लंबे हैं। वे पीछे से भी खुजाते हैं। कोई भी मजहब, कोई भी धर्म, कोई भी व्यक्ति, कोई भी जाति या कोई भी संप्रदाय किसी भी काम को कानून के दायरे में रहकर काम करें क्योंकि हमारे पूर्वजों ने भारत में रहकर संविधान को स्वीकार किया है। इसलिए संविधान के कानून की रक्षा करना और उनके नियमों का पालन करना हम सबका कर्तव्य है।
‘ऐसा काम किया तो छत घर से जुदा हो जायेगी’ :
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बाबा बागेश्वर ने छतरपुर की घटना पर बोलते हुए आगे कहा, ‘निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण है। निश्चित रूप से यह शिक्षा का अभाव है। निश्चित रूप से यह योजनाबद्ध है। निश्चित रूप से यहां अशांति फैलाने की कोशिश की गई, पर धन्यवाद छतरपुर प्रशासन को कि अच्छे तरीके से उसको हेंडल किया और सहनशीलता दिखाई।’ उन्होंने कहा कि छतरपुर प्रशासन इसलिए भी धन्यवाद की पात्र है कि उसने बाद में उन लोगों पर कार्रवाई की। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के काम करने वाले चाहे किसी भी धर्म के हों, सबको यह लाइन बता दिया जाए कि अगर ऐसा काम आप करोगे तो ‘छत से जुदा अब घर’ होगा।
इस घटना में हुई थी कार्यवाही :
महाराष्ट्र में संत रामगिरी महाराज द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में ज्ञापन सौंपने के नाम पर गये थे, लेकिन पथराव शुरू कर दिया, इस दौरान उपद्रव व पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी। मुख्य आरोपित कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष व प्रापर्टी डीलर शहजाद हाजी के आलीशान मकान पर एक साथ तीन बुलडोजर पहुंचे और उसे तोड़ना शुरू कर दिया। यहां तक कि वहां गैराज में रखी तीन महंगी गाड़ियों को भी जेसीबी से तोड़कर बाहर निकाला गया। उपद्रव करने वाले करीब 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 41 नामजद सहित 150 लोगों पर शासकीय काम में बाधा, झगड़ा, अवैध हथियार का उपयोग, उत्पात मचाने सहित करीब 15 धाराओं के तहत सिटी कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है।
पथराव में घायल हुए एएसपी और टीआइ सहित कई पुलिसकर्मियों को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने रात मे ही एक्स पर पोस्ट कर उपद्रवियों की पहचान कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए थे, जिसके बाद गुरुवार सुबह छतरपुर के अलावा पन्ना से भी पुलिस बल बुलाकर शहर भर में छापेमारी शुरू की गई, लगातार ताबड़तोड़ कार्यवाहियों से उपद्रवी फरार होने लगे। पुलिस पर हमले के विरोध में शहर भी बंद रहा। जानकारी के मुताबिक जिला कांग्रेस का पूर्व उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली बुधवार को भीड़ में ज्ञापन सौंपने वालों में सबसे आगे था।
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इस दौरान शहजाद अली परिवार समेत फरार रहा, वही भारी पुलिस बल देख समर्थक भी विरोध का साहस नहीं कर सके। कोतवाली में पदस्थ उपनिरीक्षक राहुल तिवारी ने पुलिस पर हमले को लेकर जो रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसके अनुसार कहा गया है कि बुधवार को यह लोग एकजुट होकर आए थे। जिनके पास घातक हथियार थे। कोतवाली आकर उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी। अब इस मामले में कड़ी कार्यवाही कर दी गई है, फरार आरोपियों की खोजबीन जारी है।



