संदिग्धों की खोजबीन में जुटी पुलिस, 105 घरों में किया किरायेदारों का भौतिक सत्यापन, बताया समाधान एप के बारे में।

गरियाबंद : बाहरी अवांछित तत्व एवम् अपराधी अन्य शहरों में किराये पर मकान लेकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर निकल जाते है, ऐसे में मकान मालिकों को किरायेदार के बारे में जानकारी देने की बात कही जाती है। इसी को लेकर पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है, जहाँ जिला मुख्यालय होने के कारण गरियाबंद नगर में विभिन्न विभागों के शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और जीविकोपार्जन के लिए बाहर से आए बड़ी संख्या में लोग किराये के मकानों में रहते हैं। ऐसी स्थिति में बाहरी व्यक्तियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और उनकी वर्तमान गतिविधियों पर नजर रखना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी हो गया है। इसी कड़ी में SP वेदव्रत सिरमौर के निर्देश में पुलिस ने नगर में निवासरत किरायेदारों और मकान मालिकों के सत्यापन की एक कड़ाई से प्रक्रिया शुरू की है।

SP के सख्त निर्देश के तहत 14 जून को थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दर्रापारा (केशोडार) में एक बड़ा अभियान चलाया गया। पुलिस की 6 अलग-अलग टीमों ने घर-घर जाकर प्रत्येक मकान में निवासरत लोगों का भौतिक सत्यापन किया गया है।

इस एक ही दिन में चली सघन जांच के दौरान कुल 105 घरों की जांच की गई है। वहीँ पुलिस ने मकान मालिकों से पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्धारित प्रोफार्मा में किरायेदारों की पूरी जानकारी दर्ज कर जमा कराई है। इसके साथ ही, संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों पर विशेष निगाह रखी जा रही है और उनके मूल निवास स्थान के संबंधित थानों से उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी मंगवाई जा रही है, जिससे अपराधों को रोकने में सहयोग मिल सके।

‘समाधान ऐप’ के जरिए सत्यापन करने की अपील :

पुलिस द्वारा किरायेदारों के सत्यापन के दौरान मकान स्वामियों को समाधान एप के संबंध में भी जानकारी दी गई। इतना ही नहीं उसके महत्व को बताते हुए समाधान एप के माध्यम से किराएदारों के सत्यापन के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही SP वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि इस प्रकार की सघन चेकिंग लगातार जारी रहेगी और नगर वासियों से अधिक से अधिक किरायेदार सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर पुलिस को सहयोग करने की अपील की गई।