घर पर है तोता-मैना तो जान लें ये जरुरी खबर नहीं तो पड़ सकते है मुसीबत में।

रायपुर : अपने शौक के लिये पक्षियों को एक छोटे से पिंजरे में कैद करना कहाँ तक सही है, हम एक जगह पर एक घंटे तक बंधे नहीं बैठ सकते तो विचरण करने वाले पक्षी कैसे रह रह सकते है? पक्षियों को एक छोटे से पिंजरे में कैद करना पक्षियों पर अत्याचार करने जैसा ही है, जिसको लेकर अब खबर सामने आई है कि घरों में तोता-मैना, लव बर्ड्स सहित कई संरक्षित प्रजातियों का पक्षी पालना आसान नहीं होगा। वहीँ दूसरी तरफ कछुआ, बत्तख, मोर, बंदर, उल्लू, तीतर, बाज, ऊंट, हिरण, सारस, हाथी, सफेद चूहा, सांप आदि को पालना भी प्रतिबंधित है।

इसके अलावा, खरगोश की भी कई प्रजातियां पालना प्रतिबंधित है। उधर, कुत्ता, बिल्ली, भेड़, भैंस, गाय, घोड़ा, मुर्गा आदि पाले जा सकते हैं, हालाँकि इनको पालने के पहले वन विभाग से अनुमति अथवा जानकारी लें तो बेहतर है, वहीँ अब अरसे बाद वन विभाग ने घरों में तोता-मैना, लव बर्ड्स जैसे पक्षियों को कैद रखने वालों को सप्ताह भर का समय दिया है। इन पक्षियों को वन विभाग के सुपुर्द करने को कहा गया है, अन्यथा केस दर्ज करने की चेतावनी भी दी है। इसके साथ ही दुकानों में तोता बेचने वालों के खिलाफ वनबल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए गई हैं। इस संबंध में राज्य के सभी वनमंडलों को पत्र जारी किया गया है। 

वन मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक तोते तथा अन्य संरक्षित पक्षियों को कैद में रखना तथा खरीदी बिक्री करना वन्यजीव अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें तीन साल तक सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। वन मुख्यालय ने अपने घरों में तोता तथा संरक्षित पक्षी रखने वालों को सात दिन के भीतर अपने नजदीक वन कार्यालय के अधिकारी अथवा वन विभाग के अधिकारी से संपर्क कर उनके सुपुर्द करने का निर्देश जारी किया है। ऐसा नहीं करने पर वन विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा जिन घरों में तोता होंगे वहां जाकर जब्ती करने के साथ ही कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई है। 

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तोता मैना समेत संरक्षित प्रजाति की पक्षियों को कैद करने पर सजा का प्रावधान है। कानून पहले से बना हुआ है, पर कार्यवाही अब तक नहीं हो रही थी। यही वजह है कि शहर में खुलेआम पक्षियों की बिक्री होती रही है और लोग बिना रोक टोक इसे पालते भी रहे हैं। वहीँ एक तरफ पशुओं के लिये भी पहले से पशु क्रूरता कानून बना हुआ है।