अस्पताल संचालक शाहनवाज ने दलित नर्स के साथ किया दुष्कर्म, पिता के तीन अवैध मदरसों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी।

मुरादाबाद (उ.प्र) :  नर्स से दुष्कर्म के आरोपी शाहनवाज के पिता कारी सगीर के तीनों मदरसों को सील कर दिया गया है। इन मदरसों में न बच्चे मिले और न ही स्टाफ मिला। यहाँ के दो मदरसों के भवन अवैध कब्जा कर बनवाए गए हैं। एक मदरसे में आवास भी मिला है। ऐसा माना जा रहा है कि मान्यता कराकर मदरसों के नाम पर फंडिंग ली जा रही होगी। प्रशासन अब इन मदरसों पर बुलडजोर चलाने की तैयारी कर रहा है। अवैध रूप से बने इन मदरसों को मान्यता देने के कारण अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भी शक के दायरे में आ गया है।

सामने आये मामले में ठाकुरद्वारा गरवाली क्षेत्र में संचालित एवीएम अस्पताल के मालिक डॉक्टर शाहनवाज ने क्लीनिक में काम करने वाली दलित नर्स के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। दुष्कर्म की घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी डॉक्टर शाहनवाज और मदद करने वाले दो स्वास्थ्य कर्मियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी अस्पताल संचालक शाहनवाज, नर्स मेहनाज और वार्ड बॉय जुनैद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना 17 अगस्त की बताई गई है। इस घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने मांग की थी कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए और अवैध तौर पर बनाए गए मकान और मदरसों के ऊपर बुलडोजर चलाया जाए।

पुलिस हिरासत में खड़े इस डॉक्टर का नाम है शाहनवाज़ और यह मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में ए. बी. एम. नाम से अस्पताल को संचालित करता है, इसके बराबर में खड़ी महिला का नाम मेहनाज़ है जो अस्पताल की नर्स है और पास खड़े तीसरे युवक का नाम जुनैद है जो अस्पताल में वार्ड बॉय है। डॉ शाहनवाज़ पर अस्पताल के इन दोनों स्टाफ के साथ मिलकर अस्पताल की एक दलित नर्स का बलात्कार करने का आरोप है। पीड़िता नर्स के मुताबिक वह दलित है और डॉ शाहनवाज़ के अस्पताल में पिछले दस महीनो से नर्स का काम कर रही थी। पीड़िता ने बताया कि रात को एक बजे उसे डॉक्टर शाहनवाज़ ने वार्ड बॉय जुनैद और नर्स मेहनाज़ की मदद से दूध गर्म के बहाने अपने बेड रूम में बुलाया जहाँ मेहनाज़ और जुनैद ने ज़बरदस्ती धक्का देकर नर्स को डॉक्टर शाहनवाज़ के बेड रूम में बंद कर दिया। फिर डॉक्टर शाहनवाज़ ने रात भर उसके साथ बलात्कार किया।

मदरसों पर बुलडोजर की कार्यवाही :

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जिस समय इस घटना को अंजाम दिया गया था, उस समय आरोपी शहनवाज के पिता कारी सगीर भी अस्पताल में भर्ती थे। कारी सगीर अपने पैतृक गांव राजपुर केसरिया में दो और जटपुरा में एक मदरसा चलाते हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम जब दोनों गांव में जाकर पता किया, तो जानकारी हुई कि दो मदरसे अवैध कब्जा कर बनाए गए हैं। एक मदरसे में आवास भी है। यहीं पर सगीर अपने परिजनों के साथ रहते हैं। इस घटना के बाद एसडीएम मणि अरोड़ा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, तहसीलदार और सीओ राजेश कुमार के साथ शुक्रवार को गांव पहुंचे और मदरसों का निरीक्षण किया, लेकिन यहां न स्टाफ मिला और न ही बच्चे मिले। दोनों मदरसों में ताला लगा हुआ मिला। जानकारी पता करने पर ग्रामीणों ने यहां पर पढ़ाई नहीं होने की पुष्टि की है।

यहाँ मदरसे पर ताला लगा हुआ था, प्रशासनिक अधिकारी ताला तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां अधिकारियों ने कमरों में छात्रों के कपड़े बिस्तर और किताबें रखी हुईं देखीं। टीम को जांच के दौरान अलमारी के अंदर बैंक ऑफ बड़ौदा की पासबुक मिली। प्रशासन की टीम ने जांच के दौरान मदरसे की वीडियोग्राफी कराई है। जांच में टीम ने एक भवन में संचालित तीनों मद्रास को सील करने की कार्यवाही को अंजाम दिया है। अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि कर्मियों के चलते मदरसों को सील करने की कार्यवाही की गई है। कार्यवाही के दौरान ही गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही। आरोपी डॉक्टर के परिजन घर से फरार हैं।

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