रायपुर : धार्मिक मान्यता के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश का अवतरण हुआ था। इसलिए हर साल इस तिथि पर गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है और उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। गणेश उत्सव की शुरुआत 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र में की थी। उस वक्त देश में आजादी की लड़ाई चल रही थी। ऐसे में तिलक ने गणेश उत्सव के नाम पर लोगों में एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के मकसद से गणेश उत्सव मनाते थे।
वहीँ अब 7 सितम्बर से देशभर में गणेश इत्सव की तैयारियां अपने चरम पर है, वहीँ इनको लेकर प्रशासन ने निर्देश भी जारी किए है। रायपुर में गणेशोत्सव समितियों के लिए जिला प्रशासन ने प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत गणेश पंडालों में समितियों को अपने सेवादार तैनात करना होगा। सुरक्षा के लिए बड़े पंडालों में सीसीटीवी कैमरा लगवाना होगा। इसके अलावा एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार ही साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। आवाज 55 डेसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिये।
जिला प्रशासन की ओर से 24 बिंदुओं का निर्देश जारी किया गया है। इसमें स्थापना से लेकर विसर्जन तक रूट तय कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गणेशोत्सव 7 से 20 सितंबर तक चलेगा। एडीएम रायपुर देवेंद्र पटेल ने बताया कि गणेशोत्सव समितियों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। सभी को नियमों का पालन करने कहा गया है। नियमों की अनदेखी करने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन से जारी प्रमुख निर्देश :
राम से बड़ा है राम का नाम , रोज सुने यह धुन , लिंक पर करें क्लिक : https://www.youtube.com/watch?v=TIkGGHYTb_Y
- – गणेश मूर्ति और पंडाल की सुरक्षा के लिए यथासंभव सीसीटीवी कैमरा लगवाएं
- – घर से बाहर गणेश प्रतिमा स्थापित करते हैं, तो पहले नगर निगम के जोन कार्यालय या थाने में लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।
- – गणेश उत्सव समितियां रोड या रास्ते पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित नहीं करेगें। शिकायत मिलने पर नगर निगम और पुलिस कार्यवाही करेगी।
- – गणेश उत्सव समितियां ध्वनि विस्तारक यंत्र कम आवाज में इस्तेमाल करेंगे – मालवाहक वाहनों के स्वरूप को बदलकर ध्वनि विस्तार यंत्र इस्तेमाल करने पर कार्यवाही की जाएगी।
- – प्रतिमा विसर्जन 17 से 20 सितंबर तक महादेवघाट में निर्धारित स्थल पर होगा। इसके बाद विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
- – झांकी विसर्जन रूट शारदा चौक से जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदरबाजार, सत्ती बाजार, कंकालीपारा, पुरानीबस्ती थाना, लीलीचौक, लाखेनगर, रायपुरा होते हुए महादेवघाट विसर्जन स्थल जायेगी।
उपरोक्त दिशा निर्देश पुलिस ने प्रशासनिक तौर पर जारी किये है।
सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisMediaNews/



