वंदेभारत पर पत्‍थरबाजी से रेलवे को हो चुका है करोड़ों का नुकसान, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी।

नई दिल्‍ली : वन्देभारत शुरू होने के बाद से ही इस ट्रेन पर अराजक तत्वों ने लगातार पत्थरबाजी की है, जिससे यात्रियों की जान मुश्किल में पड़ी है तो वहीँ दूसरी तरफ लगातार ट्रेनों को पटरियों से उतारने की साजिश रची गई है। वंदेभारत एक्‍सप्रेस में हाल फिलहाल में दो जगह पत्‍थरबाजी की घटनाएं हुईं हैं। दोनों घटनाओं में शीशे पर पत्‍थर फेंके गए, पर किसी के चोट लगने की सूचना नहीं है। पत्‍थरबाजी से वंदेभारत एक्‍सप्रेस को काफी नुकसान हो चुका है, जानकार आपको हैरानी होगी। पिछले पांच सालों में वंदेभारत क्षतिग्रस्‍त होने की 50 के करीब घटनाएं हो चुकी हैं।इन घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय रेलवे लगातार प्रयास कर रहा है। ट्रेनों के कई शीशे टूटे है, जिनको अब तक रेलवे बनवा नहीं पाई है।

मौजूदा समय में देशभर के विभिन्‍न शहरों से 55 वंदेभारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ये ट्रेनें करीब 300 जिलों को कनेक्‍ट कर रही हैं। इन ट्रेनों में पत्‍थरबाजी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। भारतीय रेलवे ने कुछ ब्‍लैक स्‍पॉट चिन्हित किए हैं, जहां पर एक बार से अधिक घटनाएं हुई हैं। इनमें से ज्‍यादातर घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हुई हैं। कई आरोपी पकड़ में भी आये है, लेकिन लगातार पथराव से रेलवे को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।

रेल मंत्रालय ने पिछले वर्ष एक आंकड़ा जारी किया था, जिसके अनुसार साल 2019 से लेकर 2023 पत्‍थरबाजी की वजह से रेलवे को लगभग 56 लाख का नुकसान हुआ था। इसके बाद भी पत्‍थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। औसतन 15 लाख रुपये प्रति वर्ष पत्‍थरबाजी से टूट-फूट होनेसे शीशे की मरम्‍मत में खर्च होते हैं। इस तरह अब तक करीब 70 लाख रुपये का रेलवे को पत्‍थरबाजी के चलते नुकसान हुआ है। हालांकि रेलवे ने ऐसे मामलों पर कार्यवाही करते हुए 150 से अधिक लोगों को पकड़कर उन पर कार्यवाही भी की है। ऐसे में नुकसान का आंकड़ा करोड़ रूपये पार कर गया है।

पत्‍थरबाजी रोकने के लिए ये कदम उठाए गए :

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  1. पत्थरबाजी के खतरे और इसके परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रेल ट्रैक से सटे बसे हुए क्षेत्रों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
  2. जनता को आंदोलनों के दौरान रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और क्षति से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
  3. जिन रूटों पर ट्रेनों में तोड़फोड़ की घटनाएं पाई जाती हैं, वहां पर नियमित रूप में गश्‍त की जाती है।
  4. चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं को नियंत्रित करने के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस, नरेंद्र मोदी सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। यह एक सेमी-हाईस्पीड ट्रेन है जो देश के कई मार्गों पर चलती है। ट्रेन के सभी गेट ऑटोमेटिकली खुलते और बंद होते हैं। नई तकनीकी सुविधाओं से बनी यह ट्रेन काफी आरामदायक सफ़र प्रदान करती है। ट्रेन में जीपीएस सिस्टम भी मौजूद है इसके साथ ही फायर सेंसर भी होता है। ट्रेन में आपको वाईफाई की सुविधा भी दी जाती है, तो वहीं खाने पीने का सामान रखने के लिए आपको डीप फ्रीजर भी मिलता है।

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