रायगढ़ : आम चाल-चलन में कुछ ऐसे नाम आ जाते है, जो कि हैरान और परेशान करने वाले होते है, ऐसे एक नाम है नटवरलाल, यह नाम आते ही किसी ठग या धोखाधड़ी करने वाले शख्स होने का आभास होता है। दूसरी तरफ इस तरह ठगी के मामले में नटवर लाल नाम आने से जिनका नाम वास्तविकतौर पर नटवर लाल है उन्हें काफी ग्लानी महसूस होती है और मानसिक पीड़ा भी होती है। उसे कितनी मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता है, वो सिर्फ उसे ही समझ सकता है। यही वजह है कि रायगढ़ के एक व्यवसायी नटवर लाल अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर ठगी के मामलों में नटवर लाल जैसे नामों का उल्लेख किए जाने पर रोक लगाने की मांग की है। इससे वह काफी परेशान है।
व्यवसायी नटवर लाल अग्रवाल कहते हैं कि किसी भी ठगी के मामले में नटवर लाल नाम के दुरुपयोग को रोकने के लिए उनकी ओर से उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में धारा 19 (2) और धारा 21 तहत में तहत एक याचिका दाखिल की गई है। इसमें इस बात की मांग की गई है कि नटवर लाल के नाम को किसी भी अन्य 420 या फ्रॉड करने वाले व्यक्ति के नाम के साथ जोड़ा जाता है उस पर रोक लगाई जाए। इस नाम वाले लोगों को कई बार अपमान और ग्लानी से गुजरना पड़ता है।
सबसे पहले इस शख्स के लिए हुआ था इस्तेमाल :
दायर याचिका के इस बात का जिक्र किया गया है कि सबसे पहले चीटिंग और फ्रॉड के लिए देश में मिथलेश श्रीवास्तव को नटवरलाल के नाम से संबोधित किया गया था। याचिका में इसका भी जिक्र किया गया है कि हाल में ही अमिताभ बच्चन से जुड़े मामले में किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसके नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल करना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।
हाईकोर्ट से की गई ये मांग :
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नटवरलाल अग्रवाल का कहना है कि उनके माता-पिता ने 58 साल पहले भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर उनका नाम रखा था। भगवान कृष्ण को भी ‘नटवर नागर’ कहा जाता है। ऐसे में ठगों के लिए इस नाम का इस्तेमाल भगवान का अपमान है, और उनके भक्तों को इससे गहरी ठेस पहुंचती है। बाद में किसी भी व्यक्ति की ओर से फ्रॉड करने पर आरोपी के नाम के साथ नटवर लाल का नाम जोड़ने की एक परंपरा सी बन गई। इससे भगवान कृष्ण का भी अपमान हो रहा है, दायर याचिका में सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया में नटवर लाल के नाम का दुरुपयोग बंद करने का आदेश देने के लिए उच्च न्यायालय से निवेदन किया गया है। जिसको लेकर अदालत ने अभी कुछ भी नहीं कहा है।



