ओम खेमानी की माँ को एंबुलेंस से ले जा रहे थे हैदराबाद, लाखों रूपये देने के बाद भी अचानक मौत के बाद मचा बवाल, सामने आया ये माजरा….।

रायपुर : स्वाइन फ्लू की महिला मरीज को एयर एंबुलेंस से हैदराबाद ले जाते समय मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने लालपुर स्थित एनएच एमएमआई अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। वे अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और भारी-भरकम बिल देने की बात भी कह रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एंबुलेंस में जरूरी उपकरण व मशीन बंद होने व कोई स्टाफ नहीं होने की बात भी वीडियो में साफ़ दिख रही है।

रायपुर की 49 वर्षीय भारती देवी खेमानी को सीवियर निमोनिया होने पर 2 सितंबर को एनएच एमएमआई अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर जांच करवाई गई, जिसमें एच1एन1 की पुष्टि हुई। इसके बाद मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया गया था।

दिनभर सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक ओम रोते हुए रायपुर के एक प्रतिष्ठित अस्‍पताल एमएमआई और एयर एंबुलेंस कंपनी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। इस वीडियो में युवक यह कहता नजर आ रहा है कि एयर एंबुलेंस और एमएमआई अस्‍पताल की लापरवाही से उसकी मां की मौत हो गई है। इस लापरवाही पर युवक ने हॉस्पिटल और एयर एंबुलेंस के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इस वीडियो में युवक के साथ परिवार के अन्‍य सदस्‍य भी नजर आ रहे हैं।

10 दिन इलाज के बाद अस्‍पताल ने हैदराबाद ले जाने के लिए कहा :

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इस वीडियो में रायपुर के ओम खेमानी ने बताया कि उसकी मां भारती देवी को दो सितंबर को अस्‍पताल में एडमिट किया गया था। 10 दिन तक इलाज करने के बाद अस्‍पताल प्रबंधन ने कहा, आपकी मां का इलाज यहां नहीं हो पायेगा।। आप इन्‍हें हैदराबाद ले जाइए। इन 10 दिनों में अस्‍पताल ने इलाज के लिए 10 लाख रुपये भी ले लिए। इतनी बड़ी रकम लेने बाद भी नहीं हुआ इलाज।

अस्‍पताल ने कहा, एयर एंबुलेंस से आप इन्‍हें हैदराबाद ले जा सकते हो। जब मैंने एयर एंबुलेंस कंपनी से बात की तो उन्‍होंने 6 लाख रुपये की मांग की। एयर एंबुलेंस कंपनी को सुबह 6 लाख रुपये देने के बाद मां को एंबुलेंस में ले आए। लेकिन उस समय न तो कोई डॉक्‍टर था और न ही उसकी कोई मशीन काम कर रही थी।

एयर एंबुलेंस कंपनी में मिली गंभीर खामियां :

इस वीडियो में ओम ने बताया कि जैसै-तैसे जब हम रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो एयरपोर्ट पहुंचने से पहले एयर एंबुलेंस कंपनी ने मरीज के साथ परिवार के दो लोगों को साथ जाने की बात कही थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर कंपनी ने कहा, मरीज के साथ केवल एक परिजन जा सकता है। इसके बाद हैदराबाद के लिए उड़ान भरने के बाद कंपनी का एयर एंबुलेंस विमान को 15 मिनट बाद‍ वापस रायपुर में ही लैंड करा दिया गया। इसके बाद मरीज को वापस एमएमआई अस्पताल लेकर परिजन आए। अस्पताल के मेन गेट पर लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया गया।

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हंगामा देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने टिकरापारा पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस को थाना लाया गया। अभी डेडबॉडी अस्पताल की मर्चुरी में रखी गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बॉडी थाने वाले ही दे सकते हैं। उनका कहना है कि मरीज को जिंदा एंबुलेंस में भेजा गया था। ऐसे में वे मौत के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। वीडियो में परिजन अस्पताल पर लापरवाही से मौत होने का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो एक यूट्यूबर ने बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग :

ओम खेमानी ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन मशीन खराब होने के कारण मां को ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिल पाई, जिसके चलते मेरी मां की मौत हो गई। परिजनों ने हॉस्पिटल और एयर एंबुलेंस के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। वे चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए और मरीज के परिवार को न्याय मिले। इस मामले में स्पष्ट तौर पर लापरवाही बरती गई है।

लामा करवाकर ले गए मरीज :

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मौत के आरोप व लापरवाही पर अस्पताल के मार्केटिंग हेड रवि भगत का कहना है कि मरीज उनके यहां जीवित थी। मौत एंबुलेंस या एयर एंबुलेंस में हुई, इसकी जानकारी नहीं है। परिजन मरीज को लामा यानी लेफ्ट मेडिकल एडवाइज ले गए थे। यानी परिजन उन्हें इलाज के लिए हैदराबाद ले जा रहे थे। अस्पताल ने मामले की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भी बना दी है। साथ ही, रेड एंबुलेंस से जवाब भी मांगा गया है। ज्यादा बिल लेने पर भगत का कहना है कि अच्छा खासा डिस्काउंट किया गया है।