कोटा : ऑनलाइन गेमिंग की आदतें बुरी लत में बदल सकती हैं, जो व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। उदाहरण के लिए, शारीरिक नुकसान में नींद में कमी, दृष्टि संबंधी समस्याएं, हताशा, पीठ दर्द, खराब आहार और कार्पल टनल सिंड्रोम शामिल हो सकते हैं। ऑनलाइन गेम्स की खतरनाक लत बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामने आया है, यहाँ ऑनलाइन गेम के चलते 16 साल के लड़के ने मानसिक दबाव में आकर सुसाइड कर लिया। घर से करीब एक डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में पेड़ पर फंदे में लड़के का शव लटका मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक बीते कई महीने से ऑनलाइन गेम खेल रहा था। गेम खेलते रहने से उसके व्यवहार में भी बदलाव देखा गया।
दरअसल यह पूरा मामला कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम करही कछार का है। मिली जानकारी अनुसार 16 साल के लड़के ने ऑनलाइन गेम के कारण मानसिक दबाव के चलते फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बेलगहना चौकी पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र बीते करीब कई महीने से ऑनलाइन गेम खेल रहा था।
फ्री फ़ायर गेम का आदी था लड़का
घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार मृतक लड़का ऑनलाइन गेम का आदी था, जो फ्री फ़ायर गेम खेला करता था। जिसकी वजह से वह लगातार मानसिक तनाव में रहता था। इसी के चलते ऑनलाइन गेम के कारण हताशा में आकर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले को लेकर बेलगहना चौकी प्रभारी ओमकार दीवान ने बताया कि, ग्राम करही कछार के डोंगरी पारा निवासी रवि कुमार तिर्की पिता दादूराम तिर्की फ्री फायर गेम खेला करता था। जिसकी वजह से वो गहरी हताशा में चला गया था और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।



