जब्त हुआ 23 टन गांजा इस प्रक्रिया से किया गया नष्ट।

रायपुर : नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये राजधानी के अंतर्गत अलग-अलग जिलों में तस्करों से जब्त गांजा भारी मात्रा में थानों में इकट्ठा हो गया था। इसे नियमानुसार नष्ट करना आवश्यक था। उक्त कार्यवाही में आईजी अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में इंड​स्टि्रयल इलाके के एक पॉवर प्लांट में 23 हजार किलो से अ​धिक का गांजा जलाया। राजधानी के जिलों महासमुंद, बलौदा बाजार, गरियाबंद एवं धमतरी के एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत विभिन्न प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थो का विधिसम्मत नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। उपरोक्त नष्टीकरण की कार्यवाही में केन्द्र सरकार, गृह मंत्रालय, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के आदेश के परिपालन में पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी बनाई गई थी। इसमें रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा(अध्यक्ष), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक धमतरी आंजनेय वैष्णव सदस्यों की उपस्थिति में संपादित की गयी।

यह गांजा महासमुंद, बलौदा बाजार, गरियाबंद और धमतरी जिलों से एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किया गया था। नष्ट करने की प्रक्रिया रायपुर के सिलतरा स्थित एक निजी पावर प्लांट की भट्टी में पूरी की गई, जहां इसे पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए जलाया गया। नष्‍ट किए गए मादक पदार्थ की कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।

महासमुंद जिले से 22,631 किलोग्राम गांजा, बलौदा बाजार से 224 किलो, धमतरी से 328 किलो और गरियाबंद से 309 किलो गांजा जब्त किया गया था। सभी जब्त मादक पदार्थों को पूरी सुरक्षा के साथ पावर प्लांट की भट्टी में जलाकर नष्ट किया गया, ताकि इसे अवैध रूप से फिर से इस्तेमाल में न लाया जा सके। ऑपरेशन निजात के तहत पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों के ​खिलाफ कार्यवाही भी कर रही है, तो दूसरी ओर नशे के आदी हो चुके युवाओं की काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे नशा करना छोड़ सके। निजात अ​भियान के तहत कई सामाजिक संगठन और स्कूलों को भी जोड़ा गया है। इनके माध्यम से जागरूक भी किया जा रहा है।

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