गणपति जी के विसर्जन को लेकर रोने लगी बच्ची, हो जाता है एक भावनात्मक लगाव, फिर ऐसे समझाने लगे परिजन, देखें विडियो।

गरियाबंद : आज के समय में लोगों का भवनात्मक जुड़ाव काफी कम हो गया है, नहीं तो पहले खुद बड़ों का भी भावनात्मक जुड़ाव बन जाता था, वहीँ बच्चे आज भी मासूमियत से भरे होते है, यूँही नहीं कहा जाता कि बच्चे भगवान का रूप होते है। लगातार 11 दिन तक घर में गणपति जी को विराजित करके नियमित पूज करने से बच्चों का जुड़ाव भगवान से हो जाता है। ऐसे ही कई मामले सामने आ ही जाते ही जाते है, वहीँ अब जब बप्पा के जाने का समय आ गया है। यूं तो बप्पा हमेशा हमारे साथ हैं लेकिन 11 दिन के लिए जब वह घर आते हैं तो घर के सदस्य बन जाते हैं। रोज उनका दर्शन और आराधना कर हम उनसे गहराई से जुड़ जाते हैं। खासतौर पर घर के बच्चों को गणेश जी से विशेष लगाव हो जाता है।

ऐसे में जब उनके जाने यानि कि, विसर्जन का समय आता है तो बच्चे- बूढ़े सभी की आंखें भी नम हो जाती हैं। ऐसा ही एक वीडियो गरियाबंद जिले से खूब वायरल हो रहा है। देवभोग क्षेत्र के सरगीगुड़ा गांव का एक परिवार बप्पा की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए गया था। तब एक नन्ही बच्ची ऋद्विमा कश्यप गणेश जी की मूर्ति से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी। बच्ची बप्पा को जाने नहीं देना चाहती। उसके परिजन बच्ची को समझाते हुए कह रहे हैं कि, बप्पा को उनकी मां के पास जाने दो। बप्पा अगले साल फिर आएंगे, हम उन्हें लेने जाएंगे, अभी जाने दो राशि। यह भावनात्मक विडियो ने लोगों को भाव- विभोर कर दिया।

वहीं अब राजधानी रायपुर में गुरुवार को गणेश झांकियां निकाली जायेगी और विसर्जन समारोह का मुख्य कार्यक्रम होगा। पुलिस और प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है।

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