लखनऊ (उ.प्र.) : नए साल के पहले दिन ही उत्तर प्रदेश का लखनऊ खौफनाक हत्याकांड से दहल उठा है। होटल शरणजीत में अरशद नाम के एक शख्स ने अपनी ही मां और 4 बहनों को मौत के घाट उतार दिया है। मामला है मंगलवार (31 दिसंबर) की रात पिता ने बेटे के साथ मिलकर होटल में पूरे परिवार का कत्ल कर दिया। पत्नी और 4 बेटियों को मौत के घाट उतारने के बाद पिता बदरूद्दीन फरार हो गया। बेटा अरशद होटल में ही बैठा रहा। बुधवार (1 जनवरी ) को सुबह अरशद ने होटल स्टाफ को जानकारी तब हत्या का खुलासा हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंची। बेटे को गिरफ्तार किया। अरशद ने पुलिस पूछताछ में पिता के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया है। पुलिस इस घटना में बदरूद्दीन की तलाश कर रही है। यह घटना चारबाग के पास नाका इलाके के शरनजीत होटल की है।
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो खुला राज :
पुलिस की पूछताछ में अरशद ने बताया क उसका पिता बदरुद्दीन आत्महत्या करने के इरादे से होटल से निकला है। पुलिस अब आत्महत्या की आशंका और हत्या के कारणों की जांच में जुटी हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने पारिवारिक विवाद के कारण हत्या की है। पहले अरशद ने वारदात में सिर्फ खुद के शामिल होने की बात कही। हालांकि, पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने पिता के शामिल होने का राज उगल दिया। अपनी चार बहनों और माता की हत्या करने की घटना को कबूल करते हुए बताया कि उसने मोहल्ले वालों के डर से ये हत्या की है। अरशद ने बताया है कि मोहल्ले वाले इनके परिवार को परेशान कर रहे थे। इसको डर था कि अगर इसे कुछ हो गया तो इनकी माँ और बहन का क्या होगा, इसलिए इसने उनको मार देने का फ़ैसला किया है।
आगरा से लखनऊ आया था 7 लोगों का परिवार :
आगरा के इस्लाम नगर निवासी 7 लोगों का परिवार 30 दिसंबर लखनऊ आया हुआ था। चारबाग के पास नाका क्षेत्र में होटल शरनजीत में कमरा लिया। आरोपी अरशद ने बताया है कि वह परिवार को पहले अजमेर लेकर गया फ़िर यूपी के लखनऊ लाकर सभी को होटल में रुकवाया। होटल में किसी बात को लेकर आपस में विवाद हुआ। फिर रात्रि में उसने उन्हें शराब पिलाई और कुछ के मुँह में कपड़ा डालकर दुपट्टे से गला दबा दिया। वहीं, उसने कुछ की कलाई ब्लेड से काट दी। 31 दिसंबर की रात बदरूद्दीन ने अपने बेटे अरशद (24) के साथ मिलकर पत्नी आसमां, 4 बेटियां आलिया (9), अक्सा (16), अल्शिया (19) और रहमीन (18) की हत्या की। पांचों की हत्या के बाद बदरूद्दीन होटल से चला। अरशद होटल में ही बैठा रहा।
बेटे ने खुद होटल वालों को दी सूचना :
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अरशद ने मां और बहनों की हत्या के बाद होटल को सूचना दी। होटल वालों ने पुलिस बुलाई। पुलिस पहुंची तो अरशद कमरे में शवों के पास बैठा हुआ मिला। मृतकों के गले और कलाई पर चोट के निशान हैं। पुलिस ने अरशद को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में अरशद ने पिता के साथ वारदात करने की बात कबूल की है। अरशद ने पुलिस को बताया कि पिता आत्महत्या के लिए होटल से निकले हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। प्रत्येक तथ्य के संबंध में साक्ष्य संकलन कर सत्यापित किया जा रहा है।
Video में सीएम योगी से की अपील :
इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने वीडियो भी बनाया था। वीडियो में अरशद ने अपने मोहल्ले वालों पर आरोप लगाया है। उसने कहा है कि मोहल्ले वाले उसकी बहन को हैदराबाद में बेचना चाहते थे। मोहल्ले में लोग उसकी जमीन को कब्जा करने में लगे हुए थे। अरशद मुसलमानों के अत्याचार से परेशान होकर हिन्दू धर्म में परिवर्तन करना चाहता था। अरशद ने वीडियो में सीएम योगी से भी अपील की है। उसने सीएम योगी से कहा- “जो आप कर रहे हैं, अच्छा कर रहे हैं। जो जिम्मेदार हैं उनको छोड़ियेगा नहीं। ये आरोपी लोग नकली नोटों का धंधा भी करते हैं।” इस तरह आरोपी का विडियो भी वायरल होने खबर सामने आई है।
‘घर को मंदिर के नाम करना चाहते थे’ :
हमें दस-पंद्रह दिन हो गए। हम फुटपाथ पर सो रहे हैं ठंड में। हमारा घर इन्होंने छीन लिया है। पेपर हमारे पास हैं। हम घर को मंदिर के नाम करना चाहते थे। लखनऊ पुलिस से हमारी गुजारिश है कि इनके जैसे मुसलमान कहीं मत छोड़ो आप। आप जो कर रहे हो बहुत बढ़िया कर रहे हो। मुसलमान हर जगह जमीनों पर कब्जा करते हैं। लोगों पर जुल्म करते हैं। न जाने कैसे कैसे गैरकानूनी धंधे करते हैं, नकली नोट छापते हैं। हमने इनके खिलाफ बहुत कार्रवाई करने की कोशिश की। हम नहीं करवा सके।
हमारी मौत की जिम्मेदार पूरी बस्ती है। सबसे मेन हैं रानू उर्फ आफताब अहमद, अलीम खान, ड्राइवर, अहमद, आरिफ, अजहर। इनके और रिश्तेदार हैं जो ऑटो चलाते हैं।
‘ये लोग लड़कियों को बेचते हैं’ :
ये लोग बहुत बड़ा भूमाफिया का गैंग चलाते हैं। ये लोग लड़कियों को बेचते हैं। इनका प्लान था कि हम दोनों को झूठे इल्जाम में जेल भिजवाकर हमारी बहनों को हैदराबाद बेच दें। इसलिए हमें मजबूरन रात के एक-दो बजे अपनी बहनों का गला दबाकर उनकी नसें काटकर मारना पड़ा।
इसके बाद अरशद कैमरा मृत और घायल बहनों की तरफ दिखाता है। कहता है:
हो सकता है, सुबह तक मैं भी जिंदा न मिलूं। हमने पुलिस से मदद मांगी, बजरंगदल से मदद मांगी, बीजेपी से मदद मांगी लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की। इस आखिरी वीडियो में बस यही कहना चाहूंगा कि ये लोग बहुत झूठे लोग हैं। हम बदायूं के रहने वाले हैं। हमारी ताई के पास सन 1947 तक का प्रूफ मिल जाएगा। ये हम पर झूठा इल्जाम लगा रहे हैं। ये लोग हमें बांग्लादेशी बता रहे हैं। हमारे पूरे खानदान तक का, हमारे दादा तक का प्रूफ आपको मिल जाएगा बदायूं में। हमारी ताई रहती हैं।
‘हम लोग धर्म परिवर्तन करना चाहते थे’ :
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हम लोग बस्तीवालों से तंग आकर धर्म परिवर्तन करना चाहते थे ताकि हमें चैन से जीने दें। हम लोग मंदिर बनाएं। हम लोग पूजा-पाठ करते थे। सब करते थे। हम लोगों ने बहुतों से मदद मांगी लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आज हम देख रहे हैं। मेरी सारी बहनें मर रही हैं। कुछ देर में मैं भी मर जाऊंगा। मैं यही कहना चाहूंगा कि हिंदुस्तान के अंदर किसी व्यक्ति को ऐसा न करना पड़े।
‘हर मुसलमान एक जैसा नहीं होता मोदी जी, योगी जी’ :
मेरी मोदी जी और योगी जी से यही विनती है कि हर मुसलमान एक जैसा नहीं होता। आप जैसा सोचते हो। हाथ जोड़कर कहता हूं कि जीते जीते इंसाफ न मिल पाया तो कम से कम मरने के बाद इंसाफ कर दीजिए। उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।
‘हमारे घर को मंदिर बना दीजिएगा…’ :
बहुत से नेताओं और पुलिस वालों तक पहुंच रखते हैं। हमारा आधा प्लॉट तो छीन लिया, आधा भी छीनना चाहते थे। अगर आप सच्चे हिंदू हैं तो हम भी हिंदू बनना चाहते थे। हमारे घर में सिर्फ मंदिर बनना चाहिए। जो सामान हमारी बहनों ने बहुत प्यार से सींचा था उसे किसी अनाथालय को दे दीजिएगा, ताकि हमारी रूह को खुशी मिले।
‘कैसे कोई बेटी बचाए…’ :
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अपने हाथ से हमने इन्हें मारा है, अपने बाप के साथ मिलकर। लेकिन मैं क्या करूं, इन्हें बिकता हुआ देखूं हैदराबाद में। आप कहते हो कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। आप बताओ न जाने कहां कहां से बाहर के मुसलमान आकर हिंदुस्तान में बस गए हैं कोई अपनी बेटी पढ़ा सकता है, कोई अपनी बेटी बचा सकता है। जाने कितने गरीबों की बेटियां इन लोगों ने बेच दीं। वो मर रही होंगी, तड़प रही होंगी। हम मजबूर हैं। हमने कई जगह अर्जी दी लेकिन इन बस्ती वालों ने पैसे खिलाकर चौकी अपने कब्जे में कर रखी है। वो घर आप योगी जी किसी के हाथ में मत जाने देना। जान बसी हम सबकी उसमें। उसे अपने कब्जे में करके मंदिर बनाना। मंदिर को दान किया है हमने उसे मंदिर ही बनाना।
‘आपकी मर्जी है कि हमें जलाओ या दफनाओ’ :
बस इतना ही कहूंगा। अब आपकी मर्जी है कि हमें जलाओ या दफनाओ। लेकिन इन लोगों को इंसाफ दिलाओ। बेचारी बहुत तड़पी हैं आज। इनकी इज्जत बचाई है हमने इन जैसे …. मुसलमानों के हाथों। आप जो कर रहे हो सही कर रहे हो। ये पता नहीं कहां-कहां से आकर बस गए हैं, इन्होंने मंदिर कब्जा कर लिए। हमारी हिंदुओं ने ही मदद नहीं की। हमारी आखिरी उम्मीद आप ही हो। इन गेस्ट हाउस वालों की कोई गलती नहीं जहां हम ठहरे हैं। वहीं आगरा में इसकी बस्ती वालों का कहना है कि अरशद बहुत झगड़ालू है। करीब 6 महीने पहले उसकी शादी हुई थी। झगड़ों की वजह से ही उसकी पत्नी उसे छोड़ कर चली गई थी।



