कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के वनांचल से एक सनसनीखेज सूचना सामने आई है, इसमें क्या सच्चाई है कह पाना अभी मुश्किल है। जहां पोड़ी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा बालिका हॉस्टल में रहकर 11 वीं में अध्ययन करने वाली एक नाबालिग छात्रा ने बीती रात हॉस्टल में एक बच्ची को जन्म दिया है। इस घटना के बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना सामने आने के बाद लोग हैरानी में आ गये है।
इस मामले की जानकारी जब हॉस्टल अधीक्षिका श्रीमती रात्रि को मिली तो उन्होंने छात्रा के कमरे में जाकर बच्चे के बारे में पूछा। पूछने पर छात्रा ने अपनी संतान होने से इंकार कर दिया। हॉस्टल प्रबंधन की ओर से पौड़ी उपरोड़ा से लगभग 40 किलोमीटर दूर निवासरत छात्रा के माता-पिता को बुलाकर जब उनसे पूछा गया तो छात्रा की मां ने बताया कि, उन्हें भी उनकी बेटी ने गर्भवती होने की सूचना कभी नहीं दी है, ऐसे में ये मानना मुश्किल है की बच्ची किसकी है।
इस मामले में सामने आया है कि पौड़ी उपरोड़ा विकासखंड स्थित कस्तूरबा गांधी सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ रही 11वीं की छात्रा बिन ब्याही मां बन गई है। सबसे बड़ी बात ये है कि जब छात्रा बाथरुम गई तो वहीं पर उसे प्रसव दर्द होने लगा। इस दौरान उसने बच्चे को जन्म दिया और लोकलाज के भय से उसी बाथरुम की खिड़की से नवजात को बड़ी ही बेरहमी से बाहर फेंक दिया। इससे नवजात के पैर में चोट लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब यह मामला उजागर हुआ तब महिला छात्रावास अधीक्षिका के हाथ पांव फूल गये। छात्रा की उम्र 17 साल की बताई जा रही है। कस्तूरबा गांधी सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा ने प्री-मैच्योर बच्चे को जन्म दिया है। दूसरी ओर छात्रा के परिजनों का कहना है कि बेटी ने कभी अपने गर्भवती होने की जानकारी नहीं दी।
इसके बाद प्रशासन ने शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर छात्रावास अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है। अब उन्हें मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कटघोरा भेज दिया गया है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही हैा।
आला अधिकारियों ने लिया इस मामले का संज्ञान :
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हॉस्टल में रह रही नाबालिग छात्रा के मां बन जाने की खबर से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हॉस्टल पहुंचकर मामले की जानकारी हासिल कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक नाबालिग छात्रा ने अपना बच्चा होना स्वीकार नहीं किया है। आगे मामले की जाँच होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।



