राजधानी लाये गये नक्सलियों के शव, 20 से ज्यादा डॉक्टर करेंगे पोस्टमार्टम, एक्सरे मशीन से की जायेगी शवों की जांच कहीं….।

रायपुर : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से मारे गए 14 नक्सलियों के शव रायपुर लाए गए है। सुबह 5 बजे नक्सलियों के शवों को रायपुर लाया गया है। इनमें 6 महिलाओं के और 8 पुरुष नक्सलियों के शव शामिल हैं। 22 डॉक्टर इन शवों का पोस्टमार्टम करेंगे। गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। मंगलवार रात में कई बार नक्सलियों से मुठभेड़ भी हुई। पूरी रात गरियाबंद डीआरजी, सीआरपीएफ कोबरा के जवान कुल्हाड़ी घाट क्षेत्र के भालू डिग्गी के जंगल में मौजूद रहे है। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बुधवार सुबह से ही क्षेत्र में जवानों का सर्च ऑपरेशन जारी है। ओड़िशा के नुआपाड़ा जिले की सीमा पर स्थित गरियाबंद जिले में चल रही मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार शाम तक एक करोड़ के इनामी नक्सली जयराम उर्फ चलपति सहित 14 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं। इससे नक्सलियों की कमर टूट गई है, उनका यह बहुत बड़ा नुकसान है।

ओडिशा के नुआपड़ा SOG के करीब 75 जवान थे शामिल :

गरियाबंद में सुरक्षाबल और नक्सली मुठभेड़ में ओड़िशा के नुआपड़ा SOG के करीब 75 जवान ऑपरेशन में शामिल थे। मुठभेड़ में 01 SOG जवान घायल हुआ है जिसका इलाज नारायणा अस्पताल देवेंद्र नगर रायपुर में चल रहा है। सभी ढेर हुए 14 नक्सलियों के शव छत्तीसगढ़ पुलिस को सौंपकर सभी SOG टीम सकुशल नुआपाड़ा पहुंची है। SOG की टीम किसी भी नक्सली की बॉडी ओडिशा नहीं लेकर गई। गरियाबंद जिले के कुल्हाड़ी घाट जंगल में हुए मुठभेड़ में मारे गए सभी 14 नक्सलियों के शव रायपुर लाए गए हैं। सुबह 5 बजे के इन शवों को रायपुर लाकर मेकाहारा अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। सभी शव वहीँ रखवा दिये गये है।

शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए 22 डॉक्टरों की टीम बनाई गई है, जिसमें 12 मर्चुरी में तैनात डॉक्टरों के अलावा 10 अतिरिक्त डॉक्टर और 10 सफाईकर्मी भी सीएमएचओ से मांगे गए हैं। यह मर्चुरी में पहली बार होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के शवों का पोस्टमार्टम किया जायेगा। पुलिस और प्रशासन ने शवों के पोस्टमार्टम को लेकर पूरी तैयारी की है, ताकि प्रक्रिया में कोई समस्या न हो। मारे गए नक्सलियों में कई सीनियर कमांडर भी शामिल हैं, जिनकी शिनाख्त का काम जारी है। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है और इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पोर्टेबल मशीन से शवों का एक्स-रे :

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मेकाहारा अस्पताल की मोर्चरी में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन लाई गई है। नक्सलियों के शवों का एक्स-रे पहले किया जायेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शव में कोई धातु या विस्फोटक तो नहीं हैं। यदि एक्स-रे में कोई धातु या विस्फोटक तत्व पाए जाते हैं तो तुरंत बॉम्ब स्क्वॉड की टीम को बुलाया जायेगा। इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम किया जायेगा। यह प्रक्रिया नक्सलियों द्वारा अपने शवों में छिपाए गए किसी भी संभावित खतरे को पहचानने के लिए है। पुलिस और प्रशासन की यह पहल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाई गई है। मूलत: आंध्र प्रदेश का निवासी 60 वर्षीय जयराम नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी का सदस्य व ओड़िशा राज्य कमेटी का प्रभारी था। इसमें कोबरा बटालियन के नीरज कुमार व ओड़िशा के जवान धर्मेंद्र भोई घायल हुए हैं।