रायपुर : पनीर जब्ती का मामला मजाकिया मामला बन गया है, रेलवे स्टेशन में कस्टडी से चोरी हुआ लाखों का पनीर बुधवार सुबह खाद्य एवं औषधि प्रशासन को वापस मिल गया है। नाटकीय ढंग से पनीर की पेटी लेकर कुछ लोग खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्यालय पहुंचे। अफसरों से तीखी नोकझोंक के बाद पनीर का सैंपल लिया गया था और उसे निगरानी में वापस कोल्ड स्टोरेज भिजवा दिया गया। मामले में बड़ी लापरवाही आने पर जांच अधिकारी एहसान तिग्गा को निलंबित कर दिया गया है। पकड़े गए लाखों के पनीर के मामले में काफी गड़बड़ झाला हुआ है। लगभग 2 टन पनीर को लेकर चोरी की बात सामने आई थी, वहीँ पनीर को एक सप्ताह से ज्यादा का समय बीत गया है, अब इसमें सवाल उठ रहा है कि इतने दिन तक पनीर किस हाल में होगा? क्या उसकी गुणवत्ता सही होगी अथवा केमिकल युक्त पनीर होगा, जो बाज़ार में जाने के बाद लोगों की सेहत से बड़ा खिलवाड़ होगा?
जांच अधिकारी पहले तो बिना हिसाब-किताब वाले पनीर की 39 पेटी गायब होने की शिकायत करते रहे, फिर 22 पेटी के कागजात होने का दावा करने लगे। रेलवे स्टेशन पर कार्यवाही के कुछ देर बाद ही पनीर लेकर चंपत कथित एजेंट के खिलाफ हल्ला मचने के बाद मंगलवार शाम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बुधवार सुबह 17 पेटी पनीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्यालय लाया गया। पनीर के कथित मालिक और खाद्य विभाग के अधिकारियों के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई। मामले में समझाईश के बाद पनीर के सैंपल जांच के लिए संग्रहित किए गए, फिर सुरक्षित स्थान के अभाव में उसे कोल्ड स्टोरेज भिजवा दिया गया। छापामार कार्यवाही की शुरुआत से खाद्य सुरक्षा अधिकारी अहसान तिग्गा विवादों में फंस गए थे। इसकी शिकायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक चंदन कुमार तक पहुंची थी। मामले की जांच और तिग्गा के गंभीर लापरवाही भरे कृत्य की वजह से बुधवार को उसे निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस तरह पनीर का खेल एक मजाकिया खेल बनकर रह गया है।
गोलमाल का है संदेह :
कस्टडी से गायब पनीर दो दिन तक कहां रखा गया था, इस बारे में खाद्य विभाग के अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। कभी उसे वाहन चालक के घर तो कभी कोल्ड स्टोरेज में रखने की बात कर रहे हैं। सुबह कार्यालय लाया गया पनीर जब्ती वाला ही है, इस पर भी संदेह है। जांच अधिकारी इन 17 पेटी पनीर के कागजात भोपाल से मंगाने की बात भी कर रहे हैं। फिलहाल मामले में कार्यवाही सैंपलों की रिपोर्ट आने पर की जायेगी। वहीँ इस मामले को घपले का रूप भी कहा जा रहा है।
पैसे की मांग करते कैमरे में कैद :
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खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी एहसान तिग्गा सोमवार को पनीर की कार्यवाही के दौरान पनीर के मामले में तीस हजार रूपये की मांग करते हुए कैमरे में कैद हो गया था। इस मामले की शिकायत भी कंट्रोलर तक पहुंची थी। मामले की गंभीरता के आधार पर उन्होंने उस दौरान ही अफसर पर कार्यवाही के संकेत दिए थे। सोमवार को रेलवे स्टेशन के साथ भाठागांव बस स्टैण्ड में भी 4600 किलो पनीर नकली होने के संदेह में जब्त किया गया था। वहीँ इस मामले में क्या अधिकारियों की मिली भगत है, यह सवाल भी उठ रहा है?
6500 किलो पनीर, संचालकों के जवाब का इंतजार :
इधर, दो पुराने मामलों में विभाग ने संचालकों को नोटिस भेजा है। साल के अंतिम दिनों में बिरगांव और निमोरा के दो संस्थानों में छापा मारकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 6500 पनीर पकड़ा था। पनीर बनाने का काम दोनों संस्थानों में होता था। दोनों ठिकानों से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट विभागीय टीम को मिल चुकी है। पनीर मानक से ज्यादा फैट और निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पानी टीडीएस की मात्रा अधिक मिली थी। इस आधार पर काशी एग्रो एवं एसजे मिल्क प्रोडक्ट के संचालकों को नोटिस भेजाकर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों के मुताबिक उनका पक्ष आने के बाद मामला तैयार कर जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। इस तरह लगभग 11 टन पनीर सुर्ख़ियों में आ चुका है, ऐसे में और कितना पनीर बाज़ार में नकली बिक रहा होगा, कह पाना मुश्किल है।



