नोटों के पहाड़, सोने-चांदी की ईंटें हुईं थीं बरामद, करोड़पति आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा।

भोपाल (म.प्र.) : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर से मिली ज्वेलरी और चांदी की ईंटों के पीछे लोकायुक्त को हैरान कर देगी। लोकायुक्त सूत्रों की मानें तो सौरभ नगदी की बजाय सोना और चांदी पर ज्यादा भरोसा करता था और कैश को ज्यादातर सोने या चांदी में बदल देता था। इसके पीछे की वजह थी इन दोनों धातुओं पर निवेश के बदले मिलने वाला रिटर्न है। अब जब मध्य प्रदेश के करोड़पति आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, जिसके घर से, कार से नोटों के पहाड़ और सोने चांदी की ईंटें बरामद हुई थीं, भोपाल के लोकायुक्त की टीम ने उसे और उसके सहयोगी चेतन गौर और शरद जायसवाल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।

52 किलो सोने और 11 करोड रुपए नगद रखी गाड़ी का मालिक मध्य प्रदेश के करोड़पति कांस्टेबल सौरभ शर्मा के बाद सौरभ के दोस्त चेतन गौर को भी गिरफ्तार किया गया है। सौरभ शर्मा की तरह चेतन गौर को भी लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आठ पन्नों में लिखित 50 से ज्यादा सवालों की 4 घंटे तक सौरभ शर्मा से पूछताछ चली और उसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया है।

कोर्ट में पेशी से पहले सौरभ ने क्या क्या कहा :

– मेरे नाम समन है।
– ⁠इस समन की तालीमी के लिए मैं आया हूं। 
– ⁠लोकायुक्त ने मुझे बुलाया है आज तो मैं  उसके लिए आया हूं।
– ⁠मैं तो हमेशा जांच में सहयोग कर रहा था।
– ⁠मेरे घुटनों में प्रॉब्लम थी इसलिए आज आया हूं।
– ⁠मुझे जो तारीख दी थी उसमे ही आया हूं।
– ⁠मैं कंपनी में डायरेक्टर था जिसमें चेतन जी भी मेरे साथ डायरेक्टर थे।
– ⁠कंपनी का जो पूरा हिसाब किताब है वो व्हाइट में है इसके अलावा कुछ भी नहीं है।
– ⁠मेरा संबंध अविरल कंपनी से है उसकी जानकारी दूंगा।
– ⁠मेरे घर पर भी रेड हुई लेकिन उसमे कुछ मिला नहीं था।

सौरभ की मांगी गई रिमांड :

लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा को लेकर कहा कि वो जाँच में सहयोग कर रहा है और सौरभ शर्मा के तीसरे साथी शरद जायसवाल के भी लोकायुक्त की गिरफ्त में होने की खबर है। सौरभ शर्मा की लोकायुक्त ने सात दिन की रिमांड मांगी है। रिमांड का सौरभ के काउंसलर हरीश मेहता ने विरोध किया। सौरभ मामले में बहस समाप्त हो गई है। सह आरोपी से सामने रहकर इन्वेस्टिगेशन करना है इसलिए रिमांड चाहिये।

कौन हैं सौरभ शर्मा?

महामृत्युंजय मन्त्र उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ : https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA

सौरभ शर्मा, मूलतः एक सरकारी डॉक्टर आरके शर्मा के बेटे हैं। उनके पिता का 2015 में निधन हो गया था, जिसके बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर परिवहन विभाग में कांस्टेबल पद पर नौकरी मिली थी, हालांकि, सौरभ ने जून 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली और उसके बाद से ही वह भ्रष्टाचार में लिप्त हो गया था। सौरभ शर्मा का मासिक वेतन करीब 50-60 हजार रुपये था, लेकिन उन्होंने भ्रष्ट तरीकों से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। लोकायुक्त पुलिस के डीजी जयदीप प्रसाद ने बताया कि सौरभ ने अपने परिवार, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के नाम पर संपत्तियां खरीदीं और स्कूल व होटल स्थापित किये है।