रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में मंगलवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल कोर्ट में पेश हुए है। उनके साथ उनके सलाहकार रहे विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी भी कोर्ट में पेश हुए। जहां सीबीआई ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। इस मामले में अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी। इस मामले में वकील फैजल रिजवी ने बताया कि सीबीआई ने बताया है कि 2017 में बॉम्बे में मानस साहू नामक व्यक्ति ने सीडी को बनाया है। इसके लिए करीब 95 हजार रुपए का लेन-देन हुआ था। सीडी बनने के एक साल बाद दिल्ली में इसे कॉपी कराया गया था। ज्ञात हो कि इससे पहले 4 फरवरी को सुनवाई टल गई थी। चुनाव और अन्य कारणों के चलते सभी आरोपियों का कोर्ट आना नहीं हो पाया था।
इस पूरे मामले में बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने कहा है कि, कोर्ट में आज CBI बनाम कैलाश मुरारका और अन्य के विरुद्ध जांच पर बहस थी। CBI ने बहस पूरी कर ली है। 4 मार्च को अभियुक्त के वकील बहस करेंगे। सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि, वर्ष 2017 में बॉम्बे में एक मानस साहू नामक व्यक्ति ने सीडी को मॉर्फ किया है। उसको मॉर्फ करने में करीब 95 हजार रुपए का लेन-देन हुआ था और यह पैसा बैंक टू बैंक भेजा गया है। सीडी बनने के एक साल बाद दिल्ली में कॉपी हुई है। सीबीआई के अनुसार, उनके पास यह बड़ा इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं। इस सीडी ने 2017 में छत्तीसगढ़ की राजनीती में बड़ा भूचाल ला दिया था।
इन्हे बनाया गया है आरोपी :
गीत संगीत और भजनों के लिये सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/
कथित सेक्स सीडी कांड केस में कोर्ट ने मुख्य आरोपी कैलाश मुरारका, पूर्व CM के मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा, भूपेश बघेल, विजय पांड्या, विजय भाटिया को बनाया गया है। इस केस के एक आरोपी रिंकू खनूजा की मौत हो चुकी है। इस मामले मामले में CBI ने 2018 में चार्जशीट पेश की थी, लेकिन इस पर आगे कोई सुनवाई नहीं हुई थी। अब रायपुर कोर्ट में CBI की चार्जशीट पर बहस चल रही है। वहीँ इस सीडी में एक आपत्तिजनक वीडियो था। जिसमें कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया था कि सीडी में दिख रहा चेहरा तत्कालीन भाजपा सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत का है। जिसके बाद राजनैतिक भूचाल आ गया था और यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर उछला था। इस सीडी को मंत्री मूणत ने फर्जी बताते हुए इसका खंडन किया था। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद रायपुर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामले को प्रकाश बजाज नामक भाजपा कार्यकर्ता ने दर्ज करवाया था, उसके बाद अचानक राज्य में सत्ता बदल गई थी और उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को खतरा बताया था।



