बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण का कार्य जोरों पर है, मिशनरियों का लोगों पर मानसिक प्रभाव इतना है की धम्रनातरण के लेकर एक व्यक्ति अपने परिवार ही ही बड़ा दबाव बना दिया है। जहां एक महिला ने अपने ही पति के खिलाफ धर्मांतरण का आरोप लगाया है। मामले में सामने आया है कि पति ने घर से मूर्तियों और फोटो को फेंककर प्रभु यीशु की फोटो लगा दी। बताया जा रहा है कि, महिला ने हिन्दू रीति रिवाज से शादी की थी। शादी के बाद पति ने ईसाई धर्म अपना लिया और इसके बाद पत्नी पर भी ईसाई धर्म अपनाने को लेकर लगातार दबाव बनाता रहता है। पत्नी के बार मना करने पर उससे मारपीट करने लगा। पति की प्रताड़ना से तंग आकर हिन्दू वादी संगठनों के साथ सिविल लाइन थाना शिकायत पहुंची।
इस मामले में महिला ने बताया है कि शादी के छह साल बाद शिक्षिका पत्नी और अपने दो बच्चों को मतांतरण के लिए दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर शिक्षिका मायके आ गई थी। इधर, ससुराल पहुंचकर पति ने महिला की बेल्ट से जमकर पिटाई कर दी और घर में रखी भगवान की मूर्तियों और तस्वीरों को फेंक दिया। इससे परेशान होकर महिला ने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। पुलिस ने पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला ने बताया कि पति ने उसके साथ जमकर मारपीट की है।
यह है पूरा मामला :
सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली महिला ने बताया कि वह सरकारी स्कूल में टीचर हैं। 2016 में उसकी शादी कवर्धा में रहने वाले दुर्गेश लांझी से हुई थी। जब उसने ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। इस बीच महिला के दो बच्चे भी हो गए। जब उसने बच्चों को ईसाई धर्म की बातें बताने लगा तो महिला परेशान हो गई। करीब एक साल पहले महिला उसकी हरकतों से तंग आकर मायके आ गई थी। इस बीच उसका पति बीच-बीच में बिलासपुर आने लगा।
यहां पर भी उसने अपनी पत्नी को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा। महिला ने जब इन्कार कर दिया तो उसने मारपीट की।सोमवार को भी आरोपी दुर्गेश बिलासपुर आया था। पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही इस मामले में सामने आया है कि आरोपी पति पहले हिंदू धर्म को मानता था। 2016 में महिला शिक्षिका से उसकी शादी हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ साल बाद ही उसका झुकाव ईसाई धर्म की ओर होने लगा। अपने दोनों बच्चों को भी वह ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डालता था। उसका कहना है कि हिंदू धर्म में भगवान की पूजा करना यानी शैतान की पूजा करना है।
धर्मांतरण के विरोध में आया सर्व हिंदू समाज :
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इसके पहले ही 24 फरवरी को मोहला, मानपुर- अम्बागढ़, चौकी में सर्व हिंदू समाज ने ईसाई समुदाय के प्रार्थना सभा पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा है। अंबागढ़ चौकी नगर से लेकर औधी क्षेत्र के बीहड़ों तक बड़े पैमाने पर फैल रहे दिगर समाजो के ईसाईकरण के मामलों के बीच सर्व हिंदू समुदाय के द्वारा जिले के भर्रीटोला ग्राम में ईसाई समुदाय के द्वारा प्रार्थना सभा के आयोजन पर आपत्ति दर्ज करते हुए रोक लगाने को लेकर ज्ञापन सौपा गया है। राज्य में धर्मान्तरण के मुद्दे ने बड़ा जोर पकड़ लिया है, सर्व हिन्दू समाज के लोग लगातार मतान्तरित हो रहे है।
ईसाई समुदाय के प्रार्थना सभा पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन :
वहीँ जिले के ग्राम भरीटोला मे 25 फरवरी से तीन दिवसीय प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है। वही सर्व हिन्दू समाज के दर्जनों पदाधिकारियों ने आज सोमवार दोपहर साढ़े 3 बजे कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर प्रार्थना सभा को स्थगित करवाने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा है। सर्व हिन्दू समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि, ईसाई मिशनरी द्वारा कन्वर्टेड आदिवासियों को सामने रख कर इस प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्र के भोले भाले आदिवासियों को प्रलोभन देकर ईसाई मिशनरी आदिवासियों को कन्वर्ट करने में लगा हुआ है यह प्रार्थना सभा भी कन्वर्जन का एक माध्यम है। धर्मान्तरित करने के लिये लोगों को बीमारी ठीक करने और प्रलोभन जैसे तरीकों से धर्म बदलवाया जाता है और प्रार्थना सभा के जरिये उनके मन को बदला जाता है।
जिले में बढ़ते जा रहा है ईसाई करण :
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अनुसूचित जनजाति जिले में एक तरफ नक्सलवाद का दंश दूसरी ओर अंबागढ़ चौकी नगर से लेकर मानपुर विकासखंड के औधी क्षेत्र के तमाम आदिवासी बहुल्य गांवो में बड़े पैमाने पर ईसाई करण के मामले सामने आ रहे हैं धर्म परिवर्तन के साथ-साथ बेहद संख्या में जिले के भीतर कन्वर्टेड ईसाइयों के लिए चर्च स्थापित किये जा रहे हैं। धर्म परिवर्तन का मामला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में बढ़ते ही जा रहा है। ईसाई करण के ग्राफ में इस आदिवासी वनांचल क्षेत्र के बड़े पैमाने पर हर धर्म जाति के भोले भाले ग्रामीण अपना धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपना रहे हैं। साथ ही ऐसे मामले सिर्फ एक जिले तक ही सीमित नहीं है बल्कि राज्य के हर जिले में ये सब धड़ल्ले से चल रहा है।



