गाजियाबाद (उ.प्र.) : महिला कानूनों का दुरुपयोग किस तरह हो रहा है, यह इस केस से समझ आ जाता है, जहाँ बार-बार बलात्कार का आरोप लगाने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार महिला बार-बार बलात्कार का आरोप लगाती थी और बाद में फिर अपने बयान से पलट जाती थी। मामले सामने आया है कि महिला ने अपने पति तक पर बलात्कार का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में पुलिस ने जांच के दौरान महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को फर्जी पाया था जिसके बाद पुलिस ने शातिर महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले से पुलिस भी हैरान है। यह मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से सामने आया है।
दरअसल गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जिसने पहले अपने पति, फिर उसके दोस्तों पर गैंगरेप, जलाने और मारपीट करने जैसे संगीन मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसको लेकर पुलिस ने लगातार जांच की, पुलिस के मुताबिक महिला ने अब तक तीन मुकदमे दर्ज कराए है, कई बार मुकदमा दर्ज करवाने के बाद वह अपने बयानों से पलट गई है, जिससे पीड़ितों को जबरन कार्यवाही का शिकार होना पड़ा है। हाल फिलहाल में दर्ज कराए मुकदमे की जांच में पुलिस ने आरोपो को फर्जी पाया है। इसीलिए पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। इस मामले को लेकर जहाँ पीड़ित भी परेशान रहे वहीँ महिला के द्वारा फर्जी आरोप लगाने के कारण पुलिस को भी काफी परेशान होना पड़ा।
जून 2024 में पति के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था :
यह मामला गाजियाबाद के थाना कवि नगर इलाके का है. डीसीपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि थाना कवि नगर पुलिस ने ज्योति सागर नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। महिला ने अपने पति के खिलाफ जून 2024 में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया है और साथ ही गर्भ में पले बच्चे की मौत मारपीट के दौरान हो गई थी। वहीँ जब इस मामले में जब महिला के बयान कोर्ट में हुए तो इन सभी आरोपों से पलट गई थी। पुलिस के मुताबिक इसके बाद अगस्त 2024 में महिला ने फिर एक मुकदमा दर्ज करवाया जिसमें उसने अपने पति विकास त्यागी के जीजा विक्रांत त्यागी और दीपक चौहान पर धमका कर बयान बदलने का आरोप लगाया है।
23 जनवरी 2025 को फिर पति और उसके दोस्तों पर दर्ज करवाया मुकदमा :
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शिकायत देने के चार दिन बाद महिला ने दोबारा प्रार्थना पत्र दिया कि कार्यवाही न करने की अपील की। इसके बाद 23 जनवरी 2025 को दोबारा महिला ने पुलिस कमिश्नर को एक पत्र दिया जिसमें अपने पति विकास त्यागी का शादी का आश्वासन देकर मुकर जाना, जाति सूचक शब्द कहना तथा उसके दोस्त वैभव चौहान पर आरोप लगाया कि उसने हथियार के दम पर उसे झूठे बयान करवाएं और लेटर लिखवाया। इस तरह से महिला लगातार बरगलाती रही और फिर इसके बाद महिला ने आरोप लगाया कि 17 जनवरी 2025 को विकास त्यागी ने महिला के साथ मारपीट की सिगरेट से जलाने का प्रयास किया गया है और अपने दोस्तों के साथ सामूहिक बलात्कार किया।
गाजियाबाद के डीसीपी सीटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने जब मोबाइल कॉल डिटेल और CCTV देखें तो पता चला कि महिला के आरोप झूठे निकले। महिला ने खुद केमिकल लगाकर जलन जैसी चोट दिखाने का प्रयास किया था। साथ ही मेडिकल में बलात्कार के आरोप की पुष्टि नहीं हुई। इसीलिए महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेजा जा रहा है। ऐसे ही कई महिला कानूनों की आड़ में महिलायें लगातार पुरुषों को प्रताड़ित कर रही है।
वहीँ इस मामले में पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला विकास त्यागी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। फिलहाल महिला विकास त्यागी के फ्लैट में ही रह रही है। पुलिस के मुताबिक आशंका है कि फ्लैट कब्जाने के लिए वह इस तरह के झूठे आरोप लगाती है।



