भगवान जगन्नाथ का टैटू इटली की महिला ने बनवाया अपने शरीर के इस हिस्से पर तो हुआ बड़ा बवाल, मांगनी पड़ी माफ़ी।

पुरी (ओड़िशा) : भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म के प्रति विदेशियों की आस्था जगजाहिर है, लेकिन जानकारी का काफी आभाव होने के कारण उनसे गलती भी जाती है ऐसे में वो कुछ ऐसा कर जाते है, जो विवादित हो जाता है, वहीँ एक ऐसा ही मामला सामने आया है, ऐसे ही एक मामले में भगवान जगन्नाथ के टैटू बनवाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक विदेशी महिला ने अपनी जांघ पर भगवान जगन्नाथ का टैटू बनवाया है। विदेशी महिला ने भुवनेश्वर के ‘रॉकी टैटूज’ पार्लर में ये टैटू बनवाया था। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात सामने आई। इस मामले में पुलिस ने टैटू आर्टिस्ट और पार्लर के मालिक रॉकी रंजन बिशोई को गिरफ्तार किया है।

मामला कैसे हुआ विवादित?

यह मामला सामने आने के बाद भुवनेश्वर के धार्मिक संगठनों ने सहीद नगर पुलिस स्टेशन में पार्लर मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 299, 196, 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है और रॉकी बिशोई को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में जनता के गुस्से को देखते हुए रॉकी बिशोई और विदेशी महिला दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगी है। रॉकी बिशोई ने माफी मांगते हुए कहा, “मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं, क्योंकि यह टैटू हमारे स्टूडियो में बनाया गया है। महिला एक इटली की नागरिक हैं और भगवान जगन्नाथ की भक्त हैं। उन्होंने अपनी इच्छा से ही यह टैटू बनवाने की बात कही थी। चूंकि वह एक NGO में काम करती हैं, जहां खुले टैटू की अनुमति नहीं है, इस कारण से उन्होंने टैटू को अपनी जांघ पर बनवाने का विकल्प चुना था। मैंने उन्हें टैटू हटाने या किसी और टैटू से ढकने का सुझाव दिया, लेकिन संक्रमण के खतरे के कारण वह इसे 25 दिनों बाद ही हटा पाएंगी।”

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वहीं, विदेशी महिला ने भी एक माफीनामा जारी किया और कहा है, “मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मेरी इस हरकत से किसी की भावनाएं आहत होंगी। मैं भगवान जगन्नाथ की भक्त हूं। यह मेरी गलती थी और मुझे इसका गहरा अफसोस है। जैसे ही मेरा टैटू ठीक होगा, मैं इसे ढक दूंगी। कृपया मुझे माफ कर दें।” इस तरह उक्त महिला ने पानी गलती मानकर माफ़ी भी मांगी है। साथ ही इस मामले में पुलिस की जांच अब भी जारी है। धार्मिक भावनाओं से जुड़ी इस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की है।