नागपुर दंगा : औरंगजेब की कब्र के बहाने हिन्दूओं पर हमले की साजिश पहले ही रची ली गई थी, मामले में हुआ बड़ा खुलासा।

नागपुर (महाराष्ट्र) : सोमवार रात हजारों की तादाद में निकले पत्थरबाजों ने नागपुर के महल इलाके में भारी गदर मचाया। चुन-चुनकर हिंदुओं के घरों और गाड़ियों को निशाना बनाया। इस बीच हिंसा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्री प्लांड तरीके से नागपुर में हिंसा की आग भड़काई गई। हिंदू संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए ट्रॉलियों में भर भर कर पत्थर जमा किए गए थे। पत्थरों से भरी ट्रॉली लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग चिटनिस पार्क पर इकट्ठा हुए थे। पुलिस और हिंदुओं के घरों पर हमले की साजिश पहले से ही रच ली गई थी। दंगाई अपने साथ में पत्थर, लाठी-डंडे, पेट्रोल बम लेकर पहुंचे और टारगेटेड घरों को टारगेट पर लिया। घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है उसमें साफ दिख रहा है कि किस तरह से नागपुर शहर को जलाया गया, तोड़-फोड़ और पत्थरबाजी की गई यानि सब कुछ पहले से तय था। थोड़ी ही देर में हजारों की भीड़ आ गई और हिंदू घरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया। दंगाई बाहर से आये हुये थे।

हिन्दू मुस्लिम की सियासत महाराष्ट्र में भी हुई है और मुद्दा बनी औरंगजेब की कब्र। संभाजी नगर से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पूरे महाराष्ट्र में जमकर प्रदर्शन किया है। छत्रपति संभाजी नगर, नागपुर, नासिक, कोल्हापुर, पुणे और मुंबई समेत कई शहरों में विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे। उन्होंने देवेन्द्र फडणवीस की सरकार से महाराष्ट्र की धरती से औरंगजेब की निशानियों को मिटाने की मांग की है।

वहीँ इस प्रदर्शन के बाद नागपुर में औरंगजेब का पुतला जलाने के बाद बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, क्योंकि पुतले पर हरी चादर थी। हरी चादर पर मजहबी बातें लिखी होने के कारण मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो गई, जिसके बाद इसका विरोध जताते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास जमा हो गए। उन्होंने पथराव कर दिया, कई गाड़ियों में तोड़फ़ोड़ की गई और आसपास के क्षेत्रों में भड़के मुस्लिम समाज के लोगों ने आग लगा दी।

औरंगजेब के मकबरे की सुरक्षा बढ़ाई :

औरंगजेब की कब्र संभाजी नगर के खुल्दाबाद में है चूंकि खुल्दाबाद में भी प्रदर्शन हुआ इसलिए प्रशासन ने औरंगजेब के मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी गई। मकबरे की तरफ जाने वाले सारे रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की कब्र तक मार्च किया। संभाजी नगर के वीएचपी नेता राजू जहांगीरदार ने कहा कि उनका प्रदर्शन मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। ये महाराष्ट्र के सम्मान की लड़ाई है। इस लड़ाई में महाराष्ट्र के मुसलमानों को भी विश्व हिन्दू परिषद का साथ देना चाहिए। वहीँ इस प्रकार की तोड़फोड़ स्वीकार्य नहीं है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

असल में ये सारा विवाद अबु आज़मी के औरंगजेब को हीरो बताने के बाद शुरू हुआ था। हिन्दू संगठनों का कहना है कि जब तक महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र रहेगी तब तक उसका महिमामंडन करने वाले लोग आते रहेंगे। नागपुर में विश्व हिन्दू परिषद – बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र बनवाई और उसे आग के हवाले कर दिया। विश्व हिन्दू परिषद महाराष्ट्र – गोवा क्षेत्र के प्रमुख गोविंद शेंडे ने कहा वीएचपी के कार्यकर्ताओं ने पहले बाबरी ढांचे को गिराने की कसम खाई थी, वो पूरी की है। अब औरंगज़ेब की कब्र हटाने की शपथ ली है और इसे भी पूरा करके ही दम लेंगे।

मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव :

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इसके बाद मुस्लिम संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बजरंगदल  के प्रदर्शन में औरंगज़ेब की जिस प्रतीकात्मक कब्र को जलाया गया था, उसके ऊपर जो हरी चादर डाली गई थी, उस पर कुछ मजहबी बातें लिखी हुई थी इसलिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, FIR भी दर्ज कर ली लेकिन प्रदर्शकारी नहीं माने। इसके बाद मौके पर और भीड़ इकट्ठा हो गई। नारेबाजी होने लगी। कुछ देर बाद हिन्दू संगठनों के लोग भी वहां पहुंच गए। इसी बीच मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद मामले में बड़ा रूप ले लिया। उन्होंने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और आसपास के क्षेत्रों में आग भी लगा दी जिसके बाद पुलिस ने हालात संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

हिरासत में लिये गये आरोपी :

इस घटना के बाद शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। हालांकि इस घटना के बाद से ही शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने बताया है कि यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा में 20 से 22 पुलिसकर्मी घायल हैं। वहीं,  62/65 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।

नागपुर के हिंसाग्रस्त हंसपुरी क्षेत्र के एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, “रात 10.30 बजे मैंने अपनी दुकान बंद की। अचानक मैंने देखा कि लोग गाड़ियों में आग लगा रहे हैं। जब मैंने आग बुझाने की कोशिश की तो मुझे पत्थर से मारा गया। मेरी दो गाड़ियां और पास में खड़ी कुछ और गाड़ियां जला दी गईं।” एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बताया, “पूरी घटना के डेढ़ घंटे बाद पुलिस यहां आई। ऐसा करने वाले लोगों ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों को निशाना बनाया और उन्हें नुकसान पहुंचाया।”

सामने आई ताजा जानकारी :

नागपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 5 FIR दर्ज किया है और जिन घरों पर जिन वाहनों का नुकसान हुआ है , इसका पंचनामा शुरू कर दिया गया है। वहीँ नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह हिंसक घटना और दंगे पूर्व नियोजित प्रतीत होते हैं। पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, सख्त कार्यवाही की जायेगी।” दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे ने कहा कि औरंगजेब का समर्थन महाराष्ट्र में कोई सहन नहीं करेगा। औरंगजेब देश का दुश्मन था, आक्रमणकारी, जुल्मी था। औरंगजेब क्रूर था और जो उसका समर्थन करे उसको बख्शा नहीं जाएगा। जनता की भावना है छत्रपति संभाजी के प्रति गंभीर है। लोगों का आंदोलन जायज है। 

38 दोपहिया वाहनों, 5 कारों को नुकसान :

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, नागपुर में सोमवार की रात हिंसा करते हुए उपद्रवियों ने 38 दोपहिया वाहनों को नुकसान हुआ है। 5 कारों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा 2 जेसीबी और 1 क्रेन को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा एक सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया है।

5 नागरिक, 33 पुलिसवाले जख्मी :

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जख्मी लोगों की संख्या का जिक्र किया जाए तो इस हिंसा में 5 नागरिक जख्मी हुए हैं। इन्हें नागपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 5 में से 3 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गयी है। दो का इलाज चल रहा है। इनमें से एक आईसीयू में है। 33 पुलिस कर्मचारी और अधिकारी घायल हुए हैं। इनमें 1 पुलिस उपायुक्त घायल हुए हैं, 1 सह पुलिस आयुक्त, पुलिस निरीक्षक/पुलिस उप निरीक्षक 14 और कर्मचारी 15 घायल हुए हैं।