रायपुर : शायद आपने शीर्षक को समझा नहीं, तो जानिये क्या है चुनाव आयोग का कारनामा? वैसे तो चुनाव आयोग बड़े नेताओं पर कार्यवाही नहीं कर पाता है, लेकिन खानापूर्ति करना बहुत जरुरी होता है, ऐसे में लोकसभा चुनाव 2024 में खर्च का ब्यौरा न देने वाले प्रत्याशियों के विरुद्ध निर्वाचन आयोग ने कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने चार प्रत्याशियों को तीन साल तक किसी भी चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह आदेश निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का उल्लंघन मानते हुए जारी किया गया है।
अब इस मामले में खास बात क्या है तो इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीन सालों में प्रदेश में कोई चुनाव नहीं होगा। पंचायत, नगरीय निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव नहीं होने हैं। ऐसे में इन प्रत्याशियों को इस दौरान किसी चुनाव में भाग लेने का कोई मौका नहीं मिलेगा। तो क्या ऐसे में चुनाव आयोग खानापूर्ति नहीं कर रहा है?
इस सम्बन्ध में जानकारी सामने आई है कि निर्वाचन आयोग के सचिव विनोद कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10 क के तहत तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
आयोग के यह है नियम :
- लोकसभा चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के दौरान खर्च की गई राशि का ब्यौरा तीन चरणों में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करना होता है। यह ब्यौरा चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर जमा किया जाना अनिवार्य था।
- जिले में छह प्रत्याशियों ने यह ब्योरा निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं जमा किया है। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इन प्रत्याशियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 20 दिन के भीतर देना था।
- इस पर छह प्रत्याशियों ने जवाब नहीं दिया तो आयोग ने कार्यवाही करते हुए सभी प्रत्याशियों पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया। वहीँ अब राज्य में आने वाले चार सालों तक वैसे भी कोई चुनाव नहीं है।
इन पर लगा प्रतिबंध :
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बहुजन समाज पार्टी की ममता रानी साहू
आजाद समाज पार्टी के पीतांबर जांगड़े
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के हीरानंद नागवानी
निर्दलीय प्रत्याशी इमरान खान
निर्दलीय प्रत्याशी नूरी खां
निर्दलीय प्रत्याशी राजेश ध्रुव
गाइडलाइन के अनुसार हुई कार्यवाही :
यह कार्यवाही निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार की गई है। निर्वाचन आयोग का मानना है कि चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने पर यह प्रतिबंध लगाने का नियम पहले से तय था और इस नियम के तहत ही यह आदेश जारी हुआ है। : यूएस बंदे, उप निर्वाचन अधिकारी, रायपुर



