ट्रैफिक पुलिस जवान ने पत्नि को किया विडियो कॉल और कर ली आत्महत्या, सामने आई ये जानकारी….।

कोंडागांव : जो लोग मजबूत दिखते है वो अंदर से कितने टूट चुके होते है, ये उनके द्वारा की आत्महत्या के कदम से पता चलता है, वहीँ आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे है, ऐसे में कोंडागांव जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले एक यातायात पुलिस आरक्षक ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल कर आत्महत्या की बात कही और उसके बाद फांसी लगाकर जान दे दी। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। 

इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि सरकारी बंगले में रहने वाले आरक्षक विकास पांडे कुछ वर्षो से कोंडागाँव के यातायात पुलिस में आरक्षक के पद पर काम कर रहा था, अपनी पत्नी व बच्चों को कुछ दिन पहले ही मायके भेज दिया था। इसके बाद बीती रात आरक्षक ने करीब 12 से 1 बजे के बीच अपनी पत्नी को वीडियो कॉल कर बात करते हुए अचानक से आत्महत्या करने की बात कही, जिसके बाद परेशान पत्नी ने आसपास रहने वाले लोगों को फोन किया। जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते आरक्षक विकास पांडे ने आम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पत्नि सकते में आ गई।

वहीँ मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं, आरक्षक के परिजन भी जल्द सुबह आ पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटने की जानकारी में पुलिस का कहना था कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। मृतक जवान विकास पांडे 2019 से कोंडागांव में पदस्थ थे। आखिर किस कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया इसका जवाब नहीं मिल पाया है, प्रथम दृष्टया जवान के तनाव में होने की बात कही जा रही है, जबकि परिजन भी कुछ बता नहीं पा रहे है।

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रात्रि कालीन लगभग 12 बजे के आसपास अपने घर के पीछे पेड़ पर फांसी लगा ली, विकास पांडे कोंडागांव के थाना विश्रामपुरी के ग्राम लिहा गांव के रहने वाले थे उनके पिता का नाम आसकरण पांडे है जिनका विवाह कोंडागांव के गिरोला में हुआ था बताया जा रहा है की कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत गिरोला में अपने ससुराल बच्चे के नामकरण में गए हुए था, अकेला अपनी वाहन लेकर आ रहे थे गांव में ही उनकी गाड़ी किसी पेड़ से टकराई गई, जिसके बाद लिफ्ट मांग कर कोंडागांव पहुँचे घर जाने के बाद पता चला कि घर की चाबी गाड़ी में ही भूल आए, जिसके बाद घर के आस पास व बाजू में पेड़ में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली । विकास पांडे के दो बच्चे थे लड़की का उम्र 8 साल बताया जा रहा है, वही लड़के का उम्र 5 साल बताया जा रहा है ।

विकास पांडे की नौकरी उनके भाई मदन पांडे के मृत्यु के बाद नारायणपुर जिले में लगी थी बताया जा रहा है उनके भाई बीमारी के चलते मृत्यु हुई थी, जिसके बाद अनुकम्पा में विकास पांडे का नौकरी लगा था कुछ समय बाद स्थान्तरण होने के बाद कोंडागांव में पदस्थ हुए थे ।