नई दिल्ली : देश के तमाम सांसदों की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होने जा रही है। इतना ही नहीं, सांसदों के दैनिक भत्ते में भी बढ़ोत्तरी होने जा रही है। इसके साथ ही, पूर्व सांसदों को मिलने वाली पेंशन में भी बढ़ोत्तरी होने जा रही है। सांसदों को फिलहाल हर महीने 1 लाख रुपये की सैलरी मिलती है, जिसे 24 प्रतिशत बढ़ाकर 1.24 लाख रुपये किया जा रहा है। सांसदों को मिलने वाला दैनिक भत्ता भी 2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये किया जा रहा है। इसके साथ ही, पूर्व संसदों की मासिक पेंशन को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 31,000 रुपये किया जा रहा है। इस तरह से सांसदों को ज्यादा लाभ मिलेगा।
सांसदों को हर महीने मिलेंगे कुल 2.54 लाख रुपये :
संसदीय कार्य मंत्रालय ने कहा कि सांसदों की सैलरी, दैनिक भत्ते और पूर्व सांसदों की पेंशन में होने वाली ये बढ़ोतरी 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो जायेगी। ये बदलाव संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 द्वारा मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर किया गया है और ये आयकर एक्ट, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है। वेतन निर्वाचन क्षेत्र और ऑफिस के भत्ते को मिलाकर, मौजूदा सांसदों को अब हर महीने कुल 2,54,000 रुपये की सैलरी मिलेगी। बताते चलें कि सदन के चलने वाले सत्र के दौरान सांसदों को दैनिक भत्ता मिलता है।
हर 5 साल में बढ़ती है सांसदों की सैलरी :
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पिछली बार साल 2018 में सांसदों की सैलरी में बढ़ोत्तरी की गई थी। उस समय सांसदों की सैलरी बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया था। साल 2018 में, पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने महंगाई के अनुसार हर 5 साल में सांसदों की सैलरी में ऑटोमैटिक रिवीजन के लिए एक कानून का प्रस्ताव रखा था। भारत में सांसदों को सैलरी के साथ-साथ कई तरह के भत्ते और सुविधाएं मिलती हैं। सैलरी के अलावा, सांसदों को निर्वाचन क्षेत्र भत्ते के रूप में हर महीने 70,000 रुपये और ऑफिस भत्ते के लिए हर महीने 60,000 रुपये मिलते हैं। ऐसे अब सांसदों को नये सिरे से वेतन तय कर दिया गया है।



